—Advertisement—

,

“इंदौर एमवाय अस्पताल चूहाकांड 2025: 20 लाख खर्च, दो नवजातों की मौत, पेस्ट कंट्रोल घोटाले से हड़कंप”

Author Picture
Published On: 5 September 2025
03 09 2025 mp indore news

—Advertisement—

इंदौर एमवाय अस्पताल चूहाकांड: 20 लाख में भगाए सिर्फ 150 चूहे, दो नवजातों की मौत से मचा हड़कंप

Indore MY Hospital Rat Scandal News 2025

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल महाराजा यशवंतराव हॉस्पिटल (एमवायएच), इंदौर में हुए चूहाकांड ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। अस्पताल में चूहों के हमले से दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई। इस लापरवाही ने प्रबंधन और ठेकेदार कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


20 लाख खर्च, सिर्फ 150 चूहे भगाए

अस्पताल की सफाई और पेस्ट कंट्रोल का काम एजाइल कंपनी को सौंपा गया था। कंपनी को हर महीने लगभग ₹2 लाख सिर्फ पेस्ट कंट्रोल के लिए मिलते हैं।
👉 जनवरी 2025 से अब तक 20 लाख रुपये दिए गए, लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार कंपनी ने केवल 150 चूहे भगाने का दावा किया।
👉 यानी पूरा काम कागजों पर ही होता रहा, अस्पताल में चूहों का आतंक बरकरार रहा।


कैसे हुई नवजातों की मौत?

  • पहले नवजात की तीन उंगलियां चूहों ने काट डालीं।

  • दूसरे नवजात का सिर और कंधा चूहों ने कुतर दिया।

  • दोनों बच्चों की तीन दिनों में मौत हो गई।

  • प्रबंधन का दावा है कि मौत जन्मजात बीमारियों और संक्रमण से हुई, लेकिन परिवार और विपक्ष इसे स्पष्ट लापरवाही बता रहे हैं।


अस्पताल प्रबंधन और कंपनी के बहाने

  • कंपनी का तर्क: वार्ड खाली न होने से पेस्ट कंट्रोल नहीं हो पाया।

  • डॉक्टरों का बहाना: मरीजों के परिजन खाना लाते हैं, जिससे चूहे वार्ड में आते हैं।

  • बारिश का हवाला: बिलों में पानी भरने से चूहे बाहर आ गए।

लेकिन सच यह है कि अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल सिर्फ कागजी कार्यवाही तक सीमित रहा।

comp 4 351756730916 1756815639


ठेकेदार कंपनी पर कार्रवाई

  • एजाइल कंपनी पर सिर्फ ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया।

  • अब कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी है।

  • गौरतलब है कि पिछले साल एमवायएच प्रबंधन ने कंपनी को 20 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, बिना किसी ऑडिट के।


एमवाय अस्पताल में क्यों है चूहों का आतंक?

  • समय पर बायोमेडिकल वेस्ट का न उठना

  • पुराने गद्दे और उपकरण सालों से एक जगह पड़े रहना

  • कचरे के ढेरों में चूहों के लिए स्थायी ठिकाने बन जाना

इससे पहले भी शवों और नवजातों पर चूहों और आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।


राजनीति भी गरमाई

  • राहुल गांधी (कांग्रेस सांसद): “यह हादसा नहीं, हत्या है। सरकारी अस्पताल गरीबों की मौत के अड्डे बन चुके हैं।”

  • सीएम मोहन यादव: “लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो रही है। जांच राज्य स्तरीय टीम कर रही है।”


निष्कर्ष

इंदौर एमवाय अस्पताल चूहाकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रणालीगत भ्रष्टाचार और लापरवाही का खुला सबूत है। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी पेस्ट कंट्रोल न होना और दो नवजातों की मौत होना इस बात की गवाही है कि अस्पताल व्यवस्था में तुरंत सुधार की जरूरत है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp