सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं: जैन समाज ने धर्मस्थल के अधिष्ठाता डॉ. वीरेंद्र हेगड़े का किया सम्मान
इंदौर/कर्नाटक।
जैन समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व और श्री क्षेत्र धर्मस्थल (कर्नाटक) के अधिष्ठाता डॉ. वीरेंद्र हेगड़े हाल ही में एक बार फिर अपनी सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता के कारण सुर्खियों में हैं। लंबे समय से उन पर और धर्मस्थल क्षेत्र पर कुछ मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे थे। लेकिन सरकार द्वारा कराई गई न्यायिक जांच में वे पूर्णत: निर्दोष साबित हुए।
झूठे आरोपों से विचलित नहीं हुए हेगड़े परिवार
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन ‘दद्दू’ ने बताया कि डॉ. वीरेंद्र हेगड़े ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से कभी विचलित नहीं हुए। बल्कि उन्होंने स्वयं सरकार से अपील कर न्यायिक जांच की मांग की। जांच रिपोर्ट आने के बाद वे निर्दोष सिद्ध हुए।
राजेश जैन दद्दू ने कहा:
“सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं।”
इंदौर जैन समाज ने दी शुभकामनाएं
सत्य की जीत पर इंदौर जैन समाज ने हर्ष व्यक्त किया। वरिष्ठ जनों में डॉ. जैनेन्द्र जैन, अमित कासलीवाल, सुशील पांड्या, हंसमुख गांधी, टी.के. वेद, मंयक जैन, सुभाष काला, पुष्पा कासलीवाल, श्रीमती मुक्ता जैन, रेखा जैन और श्रीफल आदि ने बधाई दी।
उन्होंने कहा कि हेगड़े परिवार सदैव सर्व धर्म समभाव का संदेश देने वाला और धर्म, संस्कृति एवं मानव सेवा के लिए समर्पित रहा है।
जैन समाज के लिए प्रेरणा हैं हेगड़े परिवार
जैन समाज के लोगों ने कहा कि आज भारत का ही नहीं, बल्कि विश्वभर का जैन समाज हेगड़े परिवार के कार्यों से गौरवान्वित हो रहा है। मंदिरों के निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य है।
