मध्य प्रदेश में 183 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी धोखाधड़ी मामले में CBI ने कोलकाता से दो गिरफ्तार
इंदौर, 26 अगस्त 2025:
मध्य प्रदेश में 183 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कोलकाता से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला तीर्थ गोपीकान लिमिटेड कंपनी से जुड़ा है, जिसने 184 करोड़ रुपये की कथित फर्जी बैंक गारंटी प्रस्तुत की थी। अब इस कंपनी की संपूर्ण जांच CBI करेगी।
CBI ने बताया कि गिरफ्तारी से एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है, जो विभिन्न राज्यों में सरकारी परियोजनाओं के ठेके हासिल करने के लिए कंपनियों को फर्जी बैंक गारंटी दिलाने में मदद करता था।
गिरफ्तार किए गए आरोपी और कार्रवाई:
सीबीआई ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के वरिष्ठ प्रबंधक गोविंद चंद्र हांसदा और मोहम्मद फिरोज खान को 19 और 20 जून 2025 को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से पहले CBI ने नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात, झारखंड और मध्य प्रदेश के 23 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की थी।
CBI की जांच और प्रक्रिया:
CBI के अनुसार, यह जांच मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद शुरू की गई। 9 मई 2025 को तीन अलग-अलग मामलों के आधार पर जांच दर्ज की गई थी। सीबीआई के बयान में कहा गया कि आरोपी बैंक अधिकारियों और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कंपनियों को सरकारी परियोजनाओं के लिए फर्जी बैंक गारंटी दिलाने में शामिल थे।
घरेलू और अंतरराज्यीय प्रभाव:
इस धोखाधड़ी का प्रभाव केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं था। CBI की जांच में यह सामने आया कि आरोपी समूह विभिन्न राज्यों में सरकारी परियोजनाओं के लिए फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल कर ठेके हासिल करने में सक्रिय था।
CBI का संदेश:
CBI ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की फर्जी बैंक गारंटी और सरकारी परियोजनाओं में धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गिरफ्तारियों के बाद अब मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
