उज्जैन में दूसरा ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव 27 अगस्त को, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और निवेश पर होगा फोकस
उज्जैन (MP News): महाकाल की नगरी उज्जैन में 27 अगस्त 2025 को दूसरा ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव (Global Spiritual Conclave Ujjain 2025) आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन होटल अंजुश्री में होगा, जिसमें देशभर के प्रमुख मंदिरों के प्रतिनिधि, बड़ी होटल चेन, एयरलाइंस और टेक कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ 2028 महाकुंभ की तैयारियां और स्पिरिचुअल टूरिज्म सेक्टर में निवेश बढ़ाना है।
भीड़ प्रबंधन और निवेश पर विशेष चर्चा
कॉन्क्लेव में काशी विश्वनाथ, महाकाल और श्रीराम मंदिर अयोध्या जैसे प्रमुख मंदिरों में बढ़ती भीड़ और उसके प्रबंधन पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही AI, वर्चुअल रियलिटी जैसी नई तकनीकों का उपयोग कर स्पिरिचुअल टूरिज्म को आधुनिक बनाने पर भी चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री करेंगे उद्घाटन
इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष अतिथि होंगे। इसके अलावा आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास प्रभु मुख्य भाषण देंगे और आध्यात्मिक वातावरण तैयार करेंगे।
पीएचडी चैंबर और पर्यटन विभाग का आयोजन
यह कार्यक्रम पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) और मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के सहयोग से हो रहा है। पिछले वर्ष अयोध्या में पहला ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव आयोजित किया गया था। इस बार उज्जैन में इसे बड़े स्तर पर किया जा रहा है।
सिंहस्थ 2028 को लेकर बैठकें और निवेश समझौते
कॉन्क्लेव में रेडिसन होटल समूह, इंडिगो, अकासा एयरलाइंस और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियां भी शामिल होंगी। इस दौरान सिंहस्थ 2028 से जुड़े निवेश समझौतों (Investment MoUs) पर भी चर्चा हो सकती है। उज्जैन का प्रशासनिक दल हाल ही में प्रयागराज कुंभ से भीड़ प्रबंधन का अनुभव लेने लखनऊ पहुंचा था, ताकि उसे सिंहस्थ 2028 में लागू किया जा सके।
रिपोर्ट का होगा विमोचन
इस आयोजन में PHDCCI और KPMG द्वारा तैयार रिपोर्ट “आस्था और प्रवाह: भारत के पवित्र स्थलों में जनसमूह का मार्गदर्शन” का विमोचन भी किया जाएगा। इसमें प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और स्पिरिचुअल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उपाय शामिल हैं।
