वंदे मातरम महोत्सव 2025: नई दिल्ली में होगा भारतीय संस्कृति, साहित्य और स्वतंत्रता का भव्य संगम
नई दिल्ली (अगस्त 2025): राजधानी दिल्ली इस अगस्त एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक महोत्सव का गवाह बनने जा रही है। भारत की स्वतंत्रता की 78वीं वर्षगांठ और जश्न-ए-अदब साहित्योत्सव की 14वीं वर्षगांठ के अवसर पर 23 और 24 अगस्त को भव्य ‘वंदे मातरम महोत्सव 2025’ का आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव साहित्य, संगीत, कला और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेगा।
मुफ्त प्रवेश और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
यह आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली के ऑडिटोरियम और मल्टीपर्पज हॉल में होगा। खास बात यह है कि महोत्सव में प्रवेश निःशुल्क है। इच्छुक लोग www.jashneadab.org पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
महोत्सव की प्रमुख झलकियाँ
- शास्त्रीय संगीत और कथक नृत्य से होगा भव्य उद्घाटन
- कवि सम्मेलन, मुशायरा, ग़ज़ल, सूफी गीत, लोकसंगीत और पारंपरिक नृत्य होंगी विशेष प्रस्तुतियाँ
- नाट्य मंचन और पैनल चर्चा में कला और साहित्य की गहराई दिखाई जाएगी
- युवा कवि और कलाकारों को भी मिलेगा मंच
पहले दिन (23 अगस्त 2025)
पहले दिन की शुरुआत होगी शास्त्रीय संगीत और कथक नृत्य की प्रस्तुति से। शाम को साहित्यिक सत्र, कवि सम्मेलन और मुशायरा आयोजित होगा। मंच पर अस्मिता थिएटर ग्रुप, मास्टर अधिराज चौधरी, विद्या लाल एंड ग्रुप, विद्या शाह और डॉ. यश गुलाटी जैसी नामचीन हस्तियाँ अपनी प्रस्तुति देंगी।
साहित्य और कविता के क्षेत्र से फरहत एहसास, मंगल नसीम, गोविंद गुलशन, सुनील पंवार, जावेद मुशिरी, कुंवर रंजीत चौहान, आज़म शाकिरी, रहमान मूसव्वर, बिनोद सिन्हा, गुलज़ार वानी और पवन कुमार अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करेंगे।
दूसरे दिन (24 अगस्त 2025)
दूसरे दिन की शुरुआत होगी पारंपरिक संगीत और शास्त्रीय गायन से। इसके बाद हास्य और मनोरंजन से भरपूर प्रस्तुतियाँ होंगी।
शाम को कवि सम्मेलन और मुशायरा में बड़े कवि और शायर शामिल होंगे –
- पद्मभूषण पं. साजन मिश्रा और स्वरांश मिश्रा
- प्रो. वसीम बरेलवी
- पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा
- प्रो. अशोक चक्रधर
इसके अलावा अनीस सबरी एंड ग्रुप युवा कवियों और कलाकारों के साथ मंच संभालेंगे।
जश्न-ए-अदब संस्थापक का संदेश
जश्न-ए-अदब के संस्थापक कुंवर रंजीत चौहान ने कहा –
“हमारा उद्देश्य केवल एक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला और साहित्य की जीवंतता को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है। वंदे मातरम महोत्सव 2025 देशभक्ति, साहित्य और कला का उत्सव है, जहाँ शब्द, सुर और भावनाएँ मिलकर भारत की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करेंगी।”
वंदे मातरम महोत्सव क्यों खास है?
- भारत की स्वतंत्रता दिवस 2025 से जुड़ा भव्य आयोजन
- 78वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ और 14वीं जश्न-ए-अदब वर्षगांठ का अद्भुत संगम
- साहित्य, संगीत और कला के लिए मुफ्त प्रवेश
- हर उम्र और रुचि के लिए आकर्षक कार्यक्रम
- भारतीय परंपरा और आधुनिकता का मेल
