MP Nigam Mandal Adhyaksh 2025: 5 पूर्व मंत्रियों और विधायकों के नाम तय, सिंगल फॉर्मूले पर होंगी नियुक्तियां
Madhya Pradesh BJP Nigam Mandal President Appointment 2025 Update:
मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ा अपडेट सामने आया है। बीजेपी ने निगम-मंडल अध्यक्ष पदों को लेकर फैसला लगभग फाइनल कर दिया है। पार्टी ने तय किया है कि इन नियुक्तियों में 5 पूर्व मंत्रियों और इतने ही विधायकों को जगह दी जाएगी। खास बात यह है कि सारी नियुक्तियां सिंगल फॉर्मूले पर होंगी। यानी निगम, मंडल और समितियों के पद मिलने के बाद नेताओं को अलग से संगठन की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री की बैठक
20 अगस्त 2025 की देर रात मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की बैठक में निगम-मंडल अध्यक्ष पदों पर नियुक्तियों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। फिलहाल मध्यप्रदेश सरकार के अंतर्गत 48 निगम, मंडल और प्राधिकरण आते हैं। इनके चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन की जिम्मेदारी संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों के पास है। अब बीजेपी ने इन पदों को राजनीतिक नियुक्ति से भरने की रणनीति बनाई है।
पूर्व मंत्री जिनके नाम लगभग तय
- रामनिवास रावत (पूर्व वन मंत्री)
- उमाशंकर गुप्ता (पूर्व मंत्री)
- अरविंद भदौरिया (पूर्व मंत्री)
- कमल पटेल (पूर्व मंत्री)
- अंचल सोनकर (पूर्व मंत्री)
इन विधायकों को भी मिलेगा मौका
- यशपाल सिसौदिया (MLA)
- ध्रुव नारायण सिंह (MLA)
- केके त्रिपाठी (MLA)
- राकेश गिरी (MLA)
- दिलीप शेखावत (MLA)
बीजेपी जिला कार्यकारिणी की घोषणा कब?
प्रदेश बीजेपी की 63 जिला कार्यकारिणी की घोषणा भी इसी माह 30 अगस्त 2025 तक की जाएगी। संगठन ने जिलों से रायशुमारी के बाद पैनल लिस्ट तैयार कर ली है। इसमें जिला संगठन, जनभागीदारी समिति और नगरीय निकायों के एल्डरमैन तक के नाम शामिल हैं।
हर जिला कार्यकारिणी में ये नियुक्तियां होंगी:
- 8 जिला उपाध्यक्ष
- 3 जिला महामंत्री
- 8 जिला मंत्री
- 1 कोषाध्यक्ष
- 1 कार्यालय मंत्री
- जिला मीडिया प्रभारी
- जिला प्रवक्ता
21 से 25 अगस्त के बीच संगठन इन नामों पर जिलाध्यक्षों से चर्चा करेगा और उसके बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
नियुक्तियों में कौन से फैक्टर अहम?
- संगठन में लंबे समय से सक्रिय पुराने चेहरों को प्राथमिकता मिलेगी।
- जातिगत और सामाजिक समीकरणों का खास ध्यान रखा जाएगा।
- सरकार में बड़े पद उन्हीं को मिलेंगे जो कार्यकर्ता से नेता बने हैं।
- जबकि संगठन में काफी हद तक नए चेहरों को जगह मिलेगी।
