इंदौर में बनेगा ‘इंद्रेश्वर लोक’: 4.36 करोड़ की लागत से तैयार होगा कॉरिडोर, मिली उज्जैन के महाकाल लोक से प्रेरणा
इंदौर। इंदौर में स्थित अति प्राचीन इंद्रेश्वर महादेव मंदिर, जिसे शहर की पहचान भी माना जाता है, अब नए रूप में निखरेगा। इस मंदिर के नाम पर ही शहर को “इंदौर” नाम मिला था। अब उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर यहां इंद्रेश्वर लोक विकसित किया जाएगा।
कॉरिडोर से जुड़ेगा पूरा परिसर
इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने इस परियोजना का खाका तैयार कर लिया है। इसके तहत पंढरीनाथ मंदिर से इंद्रेश्वर महादेव मंदिर तक लगभग 4 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से एक भव्य कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में मंदिर परिसर और उसके आसपास का क्षेत्र शामिल किया जाएगा।
क्या-क्या होगा शामिल
- भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण
- दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था
- पूरे परिसर में लैंडस्केपिंग
- पूजन सामग्री और प्रसाद की दुकानें
- मंदिर परिसर में म्यूरल्स (भित्तिचित्र)
- अवैध निर्माण हटाने और वास्तुकला को एकरूप बनाने के लिए सर्वे कार्य
संरक्षित होगा प्राचीन शिखर
मंदिर का शिखर, जो सालों पुराना है और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है, नया नहीं बनाया जाएगा। इसे मरम्मत कर इतना मजबूत किया जाएगा कि अगले 60-70 साल तक सुरक्षित रहे। यह शिखर ही मंदिर की ऐतिहासिक पहचान है।
संभागायुक्त की निगरानी में काम
संभागायुक्त दीपक सिंह के निर्देशन में यह परियोजना पूरी होगी। उनका कहना है कि पंढरीनाथ मंदिर से प्रवेश करते ही ‘इंद्रेश्वर लोक’ का दिव्य स्वरूप लोगों को नजर आएगा। आसपास मौजूद मंगलानाथ महादेव मंदिर को भी इसमें जोड़ा जा सकता है।
धरोहर और पर्यटन का संगम
विशेषज्ञ बताते हैं कि परिसर में लगे दशकों पुराने पत्थर और पोल पर केमिकल ट्रीटमेंट किया जाएगा, ताकि उनकी चमक लौटे और क्षरण रुक सके। इस प्रोजेक्ट से न केवल धार्मिक महत्व बढ़ेगा, बल्कि इंदौर को एक नया धार्मिक पर्यटन स्थल भी मिलेगा।
