श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: देशभर में उत्सव का माहौल, मथुरा-वृंदावन में उमड़े लाखों श्रद्धालु
मथुरा/वृंदावन/अयोध्या/कोलकाता/गुजरात
आज पूरे देश में जन्माष्टमी का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के अनगिनत मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और भव्य आयोजन हो रहे हैं।
मथुरा-वृंदावन में उमड़ा आस्था का सैलाब
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में इस वर्ष जन्माष्टमी पर विशेष थीम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से मंदिरों को सजाया गया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर और भागवत भवन में हजारों भक्तों ने एक साथ भगवान के प्राकट्य उत्सव के दर्शन किए।
रात्रि 12 बजते ही ढोल-नगाड़ों, झांझ-मंजीरों और मृदंग की ध्वनि से मंदिर वातावरण गूंज उठा।
पूरे परिसर में “कृष्ण कन्हैया लाल की जय” के जयघोष से भक्त भावविभोर हो उठे और नाचते-गाते कान्हा के जन्म का स्वागत किया।
परंपरा के अनुसार, ठाकुरजी की चल-प्रतिमा को रजत-सूप में विराजमान कर गर्भगृह तक ले जाया गया और चांदी व सोने की बनी विशेष मूर्तियों के माध्यम से भगवान का अभिषेक किया गया।
मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया गया है। श्रद्धालु सुबह साढ़े पांच बजे से लेकर रात्रि डेढ़ बजे तक अभिषेक एवं दर्शन कर सकेंगे।
सुरक्षा और भीड़-व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस बल और यातायात प्रबंधन दल लगातार सक्रिय हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
अयोध्या में भी जन्माष्टमी की धूम
श्रीराम जन्मभूमि, अयोध्या में भी इस बार जन्माष्टमी बड़े भव्य रूप से मनाई जा रही है।
गर्भगृह में विशेष श्रृंगार कर रामलला को पीतांबर धारण कराए गए हैं।
रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की घोषणा के साथ ही भजन-कीर्तन, सोहर और बधाइयों का दौर शुरू हो गया।
मंदिर को फूलों व रोशनी से सजाकर अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया गया है।
राम मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि ठीक उसी समय जब ब्रज क्षेत्र और समूचा देश कान्हा के जन्म की खुशी मना रहा होगा, अयोध्या में भी पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण रहेगा।
गुजरात और पश्चिम बंगाल में आस्था का रंग
गुजरात के अहमदाबाद स्थित इस्कॉन मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए और भक्ति भाव से ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ के उद्घोष करते हुए दर्शन-पूजन किया।
कोलकाता के इस्कॉन मंदिर में भी हजारों भक्तों ने कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर प्रार्थना की और भक्ति में लीन होकर पर्व का उत्सव मनाया।
निष्कर्ष :-
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हर वर्ष की तरह इस बार भी जन्माष्टमी ने पूरे देश को भक्ति और उत्सव के रंग में रंग दिया। कृष्ण जन्मभूमि मथुरा से लेकर राम जन्मभूमि अयोध्या और पूर्व से पश्चिम तक फैले मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की आराधना, भजन-कीर्तन, झांकी और श्रद्धालुओं का उत्साह एक अलौकिक वातावरण का निर्माण कर रहा है।

