श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की भव्य तैयारियाँ
श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। ठाकुरजी के लिए विशेष पोशाक भक्तों द्वारा तैयार की गई है, जिसे शोभायात्रा के माध्यम से मंदिर तक पहुँचाया गया। जन्माष्टमी के दिन भगवान इस नवीन पोशाक को धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे।
5252वां जन्मोत्सव और दिव्य पोशाक
कल भगवान श्रीकृष्ण का 5252वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर ठाकुरजी ‘धनु पोशाक’ धारण करेंगे। इस पोशाक को तैयार करने में लगभग छह महीने का समय लगा है। इसमें सोने और चांदी के तारों के साथ इंद्रधनुष के सात रंगों का अद्भुत संयोजन किया गया है। भक्तों द्वारा समर्पित यह विशेष पोशाक सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
पुष्प बंगले में विराजमान होंगे ठाकुरजी
इस बार भगवान श्रीकृष्ण ‘सिंदूर पुष्प बंगले’ में विराजमान होंगे। जन्मभूमि मंदिर परिसर को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर सजाया गया है। मंदिर को सिंदूरी फूलों से सजाने के लिए कोलकाता और बेंगलुरु से विशेष फूल मंगाए गए हैं। यह सजावट पूरे वातावरण को दिव्य और अलौकिक बना रही है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम का महत्व
मंदिर प्रशासन के अनुसार इस वर्ष का जन्मोत्सव ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सनातन धर्म को समर्पित है। यह थीम राष्ट्र के गौरव, पराक्रम और सनातन मूल्यों की रक्षा का संदेश देती है। मंदिर परिसर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशाल कटआउट भी लगाया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि सनातन की रक्षा होगी तो राष्ट्र की रक्षा स्वतः सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारी
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी ठाकुरजी के दर्शन के लिए मथुरा आते हैं, तो वातावरण और भी विशेष और आध्यात्मिक हो जाता है। यदि इस बार भी वे पधारते हैं तो मंदिर प्रशासन उनका भव्य अभिनंदन और स्वागत करेगा।
भक्तों का सैलाब और भक्ति का उल्लास
पूरे देश से लाखों श्रद्धालु मथुरा और वृंदावन पहुँचे हैं। अनुमान है कि करीब 10 लाख भक्त इस पावन अवसर पर वृंदावन आएंगे। बांके बिहारी मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। चारों ओर “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना हुआ है।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
जन्माष्टमी पर मथुरा में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व है। पुलिस, पीएसी, खुफिया एजेंसियों के साथ एटीएस कमांडो भी तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही है। श्रद्धालुओं की कड़ी चेकिंग हो रही है ताकि वे निश्चिंत होकर उत्सव का आनंद ले सकें।
शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
भव्य शोभायात्रा के साथ जन्मोत्सव का शुभारंभ हो चुका है। शोभायात्रा में रासलीला, मयूर नृत्य और ब्रज संस्कृति के अद्वितीय स्वरूप ने देश-विदेश से आए भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही मंदिर के लीलामंच पर 14 से 18 अगस्त तक प्रतिदिन कृष्ण लीलाओं का आयोजन होगा।
221 किलो चांदी से सजा गर्भगृह
इस बार श्रीकृष्ण जन्मस्थान के गर्भगृह को 221 किलो चांदी से विशेष स्वरूप प्रदान किया गया है। कारागार जैसी अनुभूति कराने वाली सजावट के साथ गर्भगृह को रजत मंडित दिव्य रूप दिया गया है। वहीं योगमाया मंदिर को भी भव्य स्वरूप से सजाया गया है।
मेघधनु पोशाक बनेगी आकर्षण का केंद्र
जन्माष्टमी के दिन ठाकुरजी ‘मेघधनु पोशाक’ धारण करेंगे। इसमें इंद्रधनुष के सात रंगों का प्रयोग रेशम, जरी और रत्नों से किया गया है। इस चित्ताकर्षक पोशाक की तैयारी में सैकड़ों कारीगर छह माह से जुटे हुए थे। भक्तों का विश्वास है कि यह दिव्य पोशाक ठाकुरजी के दर्शन को और अधिक अलौकिक बना देगी।

