महाकाल का तिरंगा श्रृंगार: देशभक्ति में रंगे बाबा, उज्जैन में गूँजी “भारत माता की जय”
उज्जैन।
भारत जब 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब महाकाल की नगरी उज्जैन भी पूरी तरह देशभक्ति की छटा में रंगी हुई नजर आई। बाबा महाकालेश्वर का श्रृंगार इस खास दिन तिरंगा त्रिपुंड से किया गया। भगवान महाकाल के माथे पर बना यह विशेष तिरंगा स्वरूप त्रिपुंड श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
मंदिर परिसर भी तिरंगे के रंग में रंगा दिखाई दिया। शिखर पर तिरंगे गुब्बारे लहराते रहे, दीवारों पर तिरंगी रोशनी चमकती रही और हर कोना राष्ट्रभक्ति के उल्लास से सराबोर नजर आया। भक्तों की भारी भीड़ ने “जय महाकाल”, “बम भोले” और “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारे लगाकर वातावरण को रोमांचित कर दिया।
अलसुबह भस्म आरती में उमड़ी श्रद्धा
स्वतंत्रता दिवस की सुबह, बाबा महाकाल की परंपरागत भस्म आरती अलसुबह 3 बजे शुरू हुई और प्रातः 5 बजे सम्पन्न हुई। इस दौरान देशभक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। भस्म आरती के समय मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
इस मौके पर भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और बॉलीवुड अभिनेत्री सोनल चौहान भी परिवार सहित उपस्थित रहे। दोनों ने नंदी हॉल में बैठकर आरती का दिव्य अनुभव लिया और चांदी द्वार से दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
महाकाल का भव्य तिरंगा श्रृंगार
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में भगवान महाकाल का श्रृंगार विशेष रूप से किया गया। पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर, शहद) और फलों के रस से अभिषेक कर बाबा का पूजन किया गया। इसके बाद चंदन, भांग, अबीर, गुलाल और फूलों से श्रृंगार कर भगवान को तिरंगे रूपी त्रिपुंड से सजाया गया।
भक्तों ने बाबा को सूखे मेवों, मिठाइयों और विशेष भोग का प्रसाद अर्पित किया। आभूषणों और परंपरागत वस्त्रों से सुसज्जित बाबा महाकाल का यह रूप भक्तों के लिए अविस्मरणीय रहा।
गंभीर और सोनल ने जताई श्रद्धा
दर्शन के बाद गौतम गंभीर ने भावुक होते हुए कहा—
“बाबा महाकाल के दर्शन के लिए यह मेरा तीसरा अवसर है। इस बार परिवार संग आया हूँ। देश पर बाबा का आशीर्वाद बना रहे, हर जगह सुख-शांति रहे—यही कामना करता हूँ।”
वहीं, पहली बार महाकाल के दर्शन कर रहीं अभिनेत्री सोनल चौहान ने कहा—
“यह मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव है। बाबा के दरबार से दिव्य ऊर्जा लेकर जा रही हूँ और फिर से यहाँ आना चाहूँगी। मप्र सरकार और मंदिर समिति को उत्कृष्ट व्यवस्था के लिए धन्यवाद।”
उज्जैन में उमड़ी देशभक्ति और आस्था
स्वतंत्रता दिवस के इस खास अवसर पर महाकाल मंदिर परिसर में देशभक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। भक्तों ने जहाँ “जय महाकाल” और “बम भोले” के नारे लगाए, वहीं “भारत माता की जय” की गूँज ने मंदिर के हर कोने को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
तिरंगे रंगों से सजे महाकाल के इस अद्वितीय स्वरूप ने श्रद्धालुओं के हृदय को भाव-विभोर कर दिया। उज्जैन का यह नजारा पूरे देश को यह संदेश देता है कि आस्था और देशभक्ति जब एक साथ जुड़ते हैं, तो वातावरण दिव्यता और ऊर्जा से भर उठता है।
