मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल टेक्सटाइल–फैशन हब: सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने परिधान और वस्त्र उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में शीर्ष अपैरल और टेक्सटाइल ब्रांड्स के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक की। इस बैठक में निवेश को आकर्षित करने, राज्य के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने और औद्योगिक माहौल को और अधिक अनुकूल बनाने पर गहन चर्चा हुई।
बैठक के दौरान मध्यप्रदेश सरकार और ब्रांड्स एंड सोर्सिंग लीडर्स एसोसिएशन (BSL) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस समझौते को राज्य के वस्त्र और परिधान क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
फाइबर से फैशन’ तक एमपी की पहचान
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप राज्य सरकार उद्योगों को हर संभव प्रोत्साहन दे रही है। उन्होंने बताया कि ग्रीन एनर्जी, ऑर्गेनिक कॉटन, मजबूत उत्पादन क्षमता और उद्योग-अनुकूल नीतियाँ मध्यप्रदेश को वैश्विक ब्रांड्स के लिए पसंदीदा गंतव्य बना रही हैं।
सीएम ने यह भी कहा –
“हमारा लक्ष्य है ‘मेड इन एमपी – वियर एक्रॉस द वर्ल्ड’। यानी मध्यप्रदेश में बने वस्त्र और परिधान आने वाले समय में दुनिया भर में पहने जाएंगे।”
3,513 करोड़ का निवेश, 16,000 करोड़ के प्रस्ताव
डॉ. यादव ने जानकारी दी कि अब तक राज्य में टेक्सटाइल सेक्टर में 3,513 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। वहीं पीएम मित्रा पार्क के भूमि-पूजन से पहले ही 16,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की टेक्सटाइल पॉलिसी देश में सर्वश्रेष्ठ है। उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अनुमतियों की संख्या घटाकर सिर्फ 10 कर दी गई है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बढ़ावा देने के लिए प्रति उड़ान 15 लाख रुपये की सब्सिडी भी दी जा रही है।
एमपी देगा सबसे सस्ती बिजली
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज मध्यप्रदेश पूरे देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करा रहा है। दिल्ली मेट्रो भी मध्यप्रदेश की बिजली से संचालित हो रही है। किसानों के लिए सोलर पंप योजना और बिजली बिल माफी योजना लागू की गई हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य में एक साल में 3 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं और जल्द ही 6 और कॉलेज लोकार्पित किए जाएंगे।
निवेशकों के लिए पर्यटन और संस्कृति का आमंत्रण
डॉ. मोहन यादव ने बैठक में शामिल सभी प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन स्थलों से परिचित होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि निवेशक यहां आकर सांची के बौद्ध स्तूप, भीमबैठका के शैलचित्र, और उज्जैन के महाकाल मंदिर जैसी ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहरों की भव्यता को भी महसूस करें।
निष्कर्ष
यह राउंड टेबल बैठक न केवल उद्योग और निवेश की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही बल्कि इसने मध्यप्रदेश को एक उभरते ग्लोबल टेक्सटाइल–फैशन हब के रूप में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, आने वाले समय में राज्य के वस्त्र और परिधान विश्वभर के बाजारों में नई पहचान बनाएंगे और “मेड इन एमपी” ब्रांड दुनिया में गूंजेगा।

