रायसेन को मिली बड़ी सौगात: 1800 करोड़ की बीईएमएल रेल कोच फैक्ट्री का भूमिपूजन आज, प्रदेश में रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार
रायसेन जिले के उमरिया गांव में 1800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बीईएमएल (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) की अत्याधुनिक रेल कोच फैक्ट्री का भूमिपूजन आज रविवार को केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। यह परियोजना प्रदेश में रोजगार, औद्योगिक विकास और ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को नई दिशा देगी।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के भोपाल पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात मिल रही है। भूमिपूजन कार्यक्रम औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में आयोजित होगा, जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार और बीईएमएल के अध्यक्ष शांतनु राय भी मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में बीईएमएल परियोजना पर आधारित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3डी वॉकथ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर बनने वाली “ब्रह्मा परियोजना” (BEML Rail Hub for Manufacturing) से भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा सहित आसपास के जिलों को बड़ा लाभ होगा। तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और करीब 5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल राजधानी क्षेत्र बल्कि निकटवर्ती औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। यहां बनने वाले वंदे भारत, अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच भारतीय रेल के नए युग की शुरुआत करेंगे, जो प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ मिशन की भावना को साकार करेंगे।
रायसेन रेल कोच फैक्ट्री से मिलेगी रफ्तार: हर साल बनेगे 200 कोच, पांच साल में लक्ष्य 1,100 कोच
रायसेन जिले में बनने वाली बीईएमएल रेल कोच फैक्ट्री की प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष होगी। आगामी पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च स्तरीय औद्योगिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
यहां विकसित होने वाली उन्नत तकनीकी क्षमताएं मध्यप्रदेश को हाई-स्पीड रेल और मेट्रो निर्माण के वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएंगी, जिससे प्रदेश का औद्योगिक और तकनीकी परिदृश्य नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।
