Raksha Bandhan 2025: राखी कितने दिन तक बांधना है शुभ? जानें धार्मिक मान्यताएं और विसर्जन की सही विधि
रक्षाबंधन का त्योहार केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। हर साल यह सवाल मन में जरूर आता है—राखी कितने दिनों तक कलाई पर बांधे रखना शुभ होता है? आइए जानते हैं इस प्रश्न का उत्तर धर्म, परंपराओं और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार।
🔸 राखी: सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि रक्षा का पवित्र सूत्र
सनातन धर्म में राखी को ‘रक्षा सूत्र’ कहा गया है। यह एक साधारण धागा नहीं, बल्कि बहन के स्नेह और भाई की रक्षा का प्रतीक है। इसे बांधने के तुरंत बाद उतारना शुभ नहीं माना जाता
।🔸 कम से कम 15 दिन तक बांधे रखना माना जाता है शुभ
मान्यताओं के अनुसार, राखी को पूर्णिमा के दिन बांधने के बाद कम से कम 15 दिनों तक कलाई पर रखना चाहिए। इसे “पंद्रह दिन का पर्व” भी कहा जाता है। इस अवधि में राखी एक अदृश्य सुरक्षा कवच बनकर भाई की रक्षा करती है।
🔸 जन्माष्टमी तक राखी रखना है विशेष फलदायी
कुछ परंपराओं में राखी को जन्माष्टमी तक बांधकर रखना अत्यंत शुभ माना गया है। साल 2025 में रक्षाबंधन 9 अगस्त को और जन्माष्टमी 15 अगस्त को है। ऐसे में अगर भाई राखी को इस दिन तक पहनकर रखते हैं, तो यह धार्मिक दृष्टि से विशेष फलदायी होता है।
🔸 दशहरे तक राखी पहनने की परंपरा भी है प्रचलित
भारत के कुछ क्षेत्रों में राखी को दशहरे तक पहनने की परंपरा है। दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, और इस दिन तक राखी बांधकर रखने से भाई के जीवन में नकारात्मकता से बचाव होता है।
🔸 16वें दिन करें राखी का सम्मानपूर्वक विसर्जन
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, राखी को
16 दिन बाद पवित्र जल में प्रवाहित करना या किसी धार्मिक वृक्ष (जैसे पीपल या तुलसी) के नीचे रख देना उचित माना गया है। यह प्रक्रिया नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने का प्रतीक है।
🔸 राखी को न फेंके, करें आदरपूर्वक विदाई
राखी कोई साधारण वस्तु नहीं है। इसे कभी भी कूड़ेदान में फेंकना अशुभ माना गया है। अगर जल स्रोत उपलब्ध नहीं है, तो राखी को तुलसी के पौधे के पास रखकर प्रार्थना करें और सम्मानपूर्वक उसका विसर्जन करें।

