8th Pay Commission: नर्सों ने मांगा अलग नाइट ड्यूटी भत्ता, लेवल-10 वेतन और OPS; आयोग के सामने रखीं 8 मांगें
नर्सिंग, ड्रेस और विशेष भत्ते तीन गुना बढ़ाने की मांग; जोखिम बीमा और हार्डशिप अलाउंस पर भी दिया जोर
नई दिल्ली। आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू होने के साथ केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी क्रम में देश के केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन (NWA) ने आयोग के सामने आठ प्रमुख मांगें रखी हैं।
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में आठवें वेतन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की। संगठन ने नर्सिंग अधिकारियों का शुरुआती वेतन बढ़ाने, रात्रिकालीन ड्यूटी के लिए अलग भत्ता देने, व्यापक बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि एसोसिएशन ने मूल वेतन तीन गुना करने की मांग नहीं की है। तीन गुना बढ़ोतरी का प्रस्ताव नर्सिंग अलाउंस, ड्रेस अलाउंस और स्पेशल अलाउंस के लिए दिया गया है। में एसोसिएशन की सभी आठ मांगों का विवरण दिया गया है।
लेवल-10 से शुरुआती वेतन देने की मांग
एसोसिएशन ने नर्सिंग अधिकारियों की एंट्री-लेवल पे को बढ़ाकर पे-मैट्रिक्स के लेवल-10 में करने की सिफारिश की है। संगठन का कहना है कि इससे केंद्रीय अस्पतालों की नर्सों को मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के बराबर वेतन स्तर मिल सकेगा। नर्सिंग पदों की योग्यता में हुए बदलाव और जिम्मेदारियों को देखते हुए वेतन उन्नयन जरूरी बताया गया है।
रात्रिकालीन ड्यूटी के लिए अलग भत्ता
अस्पतालों में नर्सिंग अधिकारी दिन के साथ रात की पाली में भी लगातार सेवाएं देते हैं। इसी आधार पर एसोसिएशन ने सभी पात्र नर्सिंग कर्मचारियों के लिए समर्पित नाइट ड्यूटी अलाउंस लागू करने की मांग की है। यदि इस सिफारिश को स्वीकार किया जाता है तो रात की ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को नियमित वेतन से अलग अतिरिक्त राशि मिल सकती है।
जोखिम और कठिनाई भत्ता
नर्सों को संक्रामक बीमारियों, गंभीर मरीजों और आपात परिस्थितियों के बीच काम करना पड़ता है। एसोसिएशन ने उनके लिए R1H1 मैट्रिक्स के अंतर्गत रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस लागू करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें R1 उच्चतम जोखिम और H1 अत्यधिक कठिन परिस्थितियों वाली नौकरी को दर्शाता है।
स्वास्थ्य और टर्म इंश्योरेंस
एसोसिएशन ने नर्सिंग कर्मचारियों के लिए व्यापक स्वास्थ्य तथा टर्म इंश्योरेंस की मांग भी की है। संगठन का तर्क है कि स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी के दौरान कई तरह के स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करते हैं। इसलिए कोविड-19 महामारी के समय उपलब्ध सुरक्षा की तरह स्थायी बीमा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
चंडीगढ़ को A1 श्रेणी में शामिल करने की मांग
चंडीगढ़ से जुड़ी मांग में एसोसिएशन ने शहर को A1 यानी टियर-1 श्रेणी में रखने की सिफारिश की है। इसके लिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला की संयुक्त आबादी को आधार बनाने का सुझाव दिया गया है। मांग स्वीकार होने पर क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को अधिक मकान किराया भत्ता और परिवहन भत्ता मिलने का रास्ता खुल सकता है।
तीन गुना किए जाएं संबंधित भत्ते
नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने नर्सिंग अलाउंस, ड्रेस अलाउंस और स्पेशल अलाउंस को जारी रखने के साथ इनकी राशि तीन गुना करने की मांग रखी है। इसके अतिरिक्त नर्सों के लिए योग्यता भत्ता दो ऐसे वेतन-वृद्धि लाभों के बराबर जारी रखने की सिफारिश की गई है, जिन्हें मूल वेतन में समाहित न किया जाए।
OPS बहाल करने की मांग
आठवीं प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली से जुड़ी है। केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 से नए कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली लागू की थी। 1 अप्रैल 2025 से NPS के अंतर्गत एकीकृत पेंशन योजना का विकल्प भी शुरू हुआ। इसके बावजूद एसोसिएशन ने नर्सिंग कर्मचारियों के लिए OPS वापस लाने की मांग की है।
फिलहाल ये सभी मांगें एसोसिएशन की सिफारिशें हैं। वेतन आयोग की अंतिम अनुशंसाओं और केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद ही इनमें से किसी लाभ को लागू माना जाएगा।
