10 साल से पानी को तरस रहे 89 बच्चे, करंट के खतरे के बीच पढ़ाई; जर्जर शौचालय और अधूरा किचन शेड
जिम्मेदारों से बोले बच्चे—समस्या हल नहीं हुई तो अब सड़क पर उतरेंगे
बम्होरी। मध्यप्रदेश के जिला रायसेन के तहसील सिलवानी के ग्राम पंचायत गुंदरई अर्जनी के ग्राम गुंदरई स्थित एकीकृत माध्यमिक शाला में अध्ययनरत 89 बच्चे पिछले करीब 10 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानी झेल रहे हैं। स्कूल परिसर में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों को पानी लेने के लिए अपने घर जाना पड़ता है। मध्यान्ह भोजन के बाद प्लेटें धोने के लिए भी बच्चों को घर का रास्ता पकड़ना पड़ता है। ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा पंचायत से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक कई बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

समस्याओं से जूझ रहा स्कूल
स्कूल भवन में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। बारिश के दौरान स्कूल की छत से पानी टपकता है। शौचालय जर्जर हालत में हैं। इनमें नियमित साफ-सफाई नहीं होने के साथ पर्याप्त दरवाजे भी नहीं हैं। स्कूल की छत पर बनाया जा रहा किचन शेड भी अधूरा पड़ा है। स्थिति यह है कि किचन शेड तक पहुंचने के लिए सीढ़ी तक नहीं बनाई गई है।
स्कूल परिसर की रास्ते की ओर बनी दीवार भी झुक गई है, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है। वहीं स्कूल की एक खिड़की भी टूट चुकी है। बारिश के मौसम में परिसर में जगह-जगह खरपतवार उग आई है, लेकिन लंबे समय से साफ-सफाई नहीं होने से बच्चों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छत से गुजर रही बिजली की डोरी, हादसे का खतरा
स्कूल की छत से बिजली की डोरी गुजर रही है। बारिश के मौसम में यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली के तार में करंट फैलता है तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद अब तक जिम्मेदारों द्वारा इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
भोजन बनाने वाले कमरे की छत भी टपकती है = अध्यक्ष लक्ष्मी बाई स्व सहायता समूह गुंदरई
मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाले कमरे की छत भी बारिश के दौरान टपकती है। ऐसे में भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्कूल में पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण मध्यान्ह भोजन के बर्तन धोने में भी परेशानी होती है।

अब आंदोलन की तैयारी में बच्चे और ग्रामीण
करीब एक दशक से मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान बच्चों वैष्णवी धाकड़,मानवी, शिवानी और ग्रामीणों शोएब खान,राघवेंद्र लोधी,अनिल गौर सहित ग्रामवासियों का अब आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। यदि जल्द ही स्कूल में पानी, शौचालय, बिजली के तार, किचन शेड, भवन की मरम्मत और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो बच्चे और ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल की समस्याओं का तत्काल निरीक्षण कराकर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
प्राचार्य बोले—पानी की व्यवस्था नहीं, इसी से बढ़ रही परेशानी
स्कूल प्राचार्य भरत राजपूत ने बताया कि स्कूल परिसर में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी कारण बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
वहीं बीईओ रूपेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा, “आपके माध्यम से मुझे जानकारी मिल रही है। जांच करवाकर समस्या का हल किया जाएगा।”
अब देखना यह है कि करीब दस वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए इंतजार कर रहे इन 89 बच्चों की समस्या कब तक दूर होती है और जिम्मेदार विभाग बच्चों की सुरक्षा एवं सुविधाओं को लेकर कब गंभीर कदम उठाता है।



