8 लाख रुपये के लोन की 4 साल में कितनी होगी EMI? जानें ब्याज और भुगतान का पूरा हिसाब
नई दिल्ली। आठ लाख रुपये का लोन लेकर उसे चार साल में चुकाने पर मासिक किस्त कितनी बनेगी, इसका जवाब ब्याज दर पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, सालाना 12 प्रतिशत ब्याज पर 48 महीने की EMI लगभग ₹21,067 होगी। इस अवधि में कुल भुगतान करीब ₹10.11 लाख और ब्याज लगभग ₹2.11 लाख बनेगा। यह गणना मासिक घटती शेष राशि की पद्धति पर आधारित है। इसमें प्रोसेसिंग फीस, बीमा या अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं।
लोन की EMI किन बातों पर निर्भर करती है?
EMI यानी समान मासिक किस्त में मूलधन और ब्याज, दोनों शामिल होते हैं। इसकी गणना के लिए लोन की राशि, सालाना ब्याज दर और भुगतान की अवधि जानना जरूरी है। आठ लाख रुपये और चार साल की अवधि तय होने के बाद ब्याज दर बदलने से किस्त भी बदल जाएगी।
एक ही राशि और समान अवधि के लिए अधिक ब्याज दर का मतलब अधिक मासिक किस्त है। इसलिए केवल लोन की रकम देखकर EMI तय नहीं की जा सकती। ऋणदाता की ओर से प्रस्तावित ब्याज दर मिलने के बाद ही वास्तविक अनुमान निकाला जा सकता है।
अलग-अलग ब्याज दरों पर कितना होगा भुगतान?
नीचे आठ लाख रुपये के लोन के लिए 48 महीने की अवधि का उदाहरण दिया गया है। ये ब्याज दरें गणना समझाने के लिए ली गई हैं; इन्हें किसी बैंक का वर्तमान ऑफर नहीं माना जाए।
| सालाना ब्याज दर | मासिक EMI लगभग | कुल भुगतान लगभग | कुल ब्याज लगभग |
|---|---|---|---|
| 10 प्रतिशत | ₹20,290 | ₹9,73,923 | ₹1,73,923 |
| 12 प्रतिशत | ₹21,067 | ₹10,11,219 | ₹2,11,219 |
| 14 प्रतिशत | ₹21,861 | ₹10,49,337 | ₹2,49,337 |
| 16 प्रतिशत | ₹22,672 | ₹10,88,267 | ₹2,88,267 |
राशियां निकटतम रुपये में दिखाई गई हैं। कुल भुगतान की गणना बिना राउंड की गई EMI से हुई है, इसलिए प्रदर्शित मासिक किस्त को 48 से गुणा करने पर थोड़ा अंतर आ सकता है।
12 प्रतिशत ब्याज का उदाहरण समझें
मान लीजिए कि आठ लाख रुपये का लोन सालाना 12 प्रतिशत की स्थिर ब्याज दर पर मिला है। इस स्थिति में मासिक ब्याज दर एक प्रतिशत होगी और भुगतान 48 किस्तों में किया जाएगा।
गणना के अनुसार, मासिक किस्त लगभग ₹21,067 बनेगी। पूरे चार साल में करीब ₹10,11,219 चुकाने होंगे। इसमें आठ लाख रुपये मूलधन और लगभग ₹2,11,219 ब्याज होगा।
तुलना के लिए, 10 प्रतिशत दर वाले उदाहरण में ब्याज करीब ₹1,73,923 है। यानी समान राशि और समान अवधि पर ब्याज दर में दो प्रतिशत अंक का अंतर कुल ब्याज में लगभग ₹37,296 का फर्क पैदा करता है।
घटती शेष राशि पर कैसे लगता है ब्याज?
मासिक घटती शेष राशि वाली पद्धति में ब्याज बकाया मूलधन पर लगता है। हर किस्त के साथ मूलधन का कुछ हिस्सा चुकता होता है और अगली गणना के लिए बकाया राशि कम हो जाती है।
इस कारण किस्त में ब्याज और मूलधन का अनुपात समय के साथ बदलता है। स्थिर दर और निर्धारित अवधि वाले उदाहरण में EMI समान रहती है, लेकिन उसके भीतर मूलधन का हिस्सा धीरे-धीरे बढ़ता है। EMI का मानक सूत्र है: P × r × (1+r)ⁿ ÷ [(1+r)ⁿ−1], जहां P मूलधन, r मासिक ब्याज दर और n कुल महीनों की संख्या है।
फीस और दूसरे शुल्क भी देखें
तालिका में केवल मूलधन और ब्याज का हिसाब है। ऋण प्रस्ताव में प्रोसेसिंग शुल्क और लागू कर अलग हो सकते हैं। इसलिए कुल लागत समझने के लिए केवल ब्याज दर देखना पर्याप्त नहीं है।
वार्षिक प्रतिशत दर यानी APR ब्याज के साथ ऋण से जुड़े अन्य शुल्कों को भी दर्शाती है। आवेदन से पहले प्रस्ताव में ब्याज दर, फीस और APR की जानकारी पढ़ें, ताकि भुगतान की वास्तविक लागत स्पष्ट रहे।
अपनी प्रस्तावित दर से निकालें सही अनुमान
आठ लाख रुपये के लोन की चार साल की EMI जानने के लिए कैलकुलेटर में ₹8,00,000, अवधि 48 महीने और ऋणदाता की प्रस्तावित सालाना ब्याज दर दर्ज करें। प्राप्त किस्त और कुल ब्याज की तुलना अपने मासिक बजट से करें।
ऊपर दिए उदाहरणों में EMI लगभग ₹20,290 से ₹22,672 के बीच है। आपकी वास्तविक किस्त स्वीकृत दर और ऋण की शर्तों के अनुसार तय होगी।
