68 किलोग्राम लाल मिर्च पाउडर जब्त होने की बड़ी कार्रवाई Jhabua के बामनिया क्षेत्र में की गई। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशन में चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने मिर्च पिसाई केंद्रों की जांच कर संदिग्ध सामग्री जब्त की। जानिए पूरी खबर।
68 किलोग्राम लाल मिर्च पाउडर जब्त: Jhabua में चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की बड़ी कार्रवाई, मिलावटखोरों में हड़कंप
रिपोर्ट: मनीष कुमट, झाबुआ
झाबुआ जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 68 किलोग्राम लाल मिर्च पाउडर जब्त करने की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशन में संभागीय चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की टीम ने सोमवार को बामनिया क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया, जहां दो मिर्च पिसाई केंद्रों से संदिग्ध लाल मिर्च पाउडर जब्त किया गया।
झाबुआ में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
68 किलोग्राम लाल मिर्च पाउडर जब्त करने की यह कार्रवाई जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतों और गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर जांच अभियान चलाए जाते हैं।
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में संभागीय चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की मदद ली जा रही है, जिससे मौके पर ही खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक जांच संभव हो रही है।
बामनिया के मिर्च पिसाई केंद्रों पर जांच
सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने Jhabua जिले के बामनिया क्षेत्र में स्थित विभिन्न मिर्च पिसाई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लाल मिर्च पाउडर की गुणवत्ता की जांच की गई।जांच के दौरान अधिकारियों ने लाल मिर्च पाउडर के रंग और गुणवत्ता की मौके पर ही प्रारंभिक जांच की। कुछ स्थानों पर सामग्री संदिग्ध पाए जाने के बाद विस्तृत कार्रवाई की गई।
68 किलोग्राम लाल मिर्च पाउडर जब्त
निरीक्षण के दौरान दो मिर्च पिसाई केंद्रों से कुल 68 किलोग्राम लाल मिर्च पाउडर जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में इसमें अवमानक गुणवत्ता और कृत्रिम रंग मिश्रण की आशंका जताई गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जब्त सामग्री को सुरक्षित रखकर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह कार्रवाई स्थानीय स्तर पर मिलावटखोरी के खिलाफ एक बड़ा संदेश मानी जा रही है।
मौके पर हुई रंग की जांच
चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की विशेषता यह है कि खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच मौके पर ही की जा सकती है। इसी सुविधा का उपयोग करते हुए टीम ने लाल मिर्च पाउडर में रंग की जांच की।
जांच में कुछ नमूनों में संदेहास्पद संकेत मिलने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सामग्री जब्त कर ली। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि उपभोक्ताओं तक किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवमानक खाद्य सामग्री न पहुंचे।
तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए
कार्रवाई के दौरान केवल जब्ती ही नहीं की गई, बल्कि आगे की वैज्ञानिक जांच के लिए तीन नमूने भी संग्रहित किए गए हैं।इन नमूनों को अधिकृत प्रयोगशाला में भेजा जाएगा, जहां विस्तृत परीक्षण के बाद यह स्पष्ट होगा कि सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रूपगढ़ आटा फैक्ट्री से भी लिया गया नमूना
बामनिया क्षेत्र में कार्रवाई के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा विभाग ने रूपगढ़ स्थित एक आटा फैक्ट्री का भी निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान आटे का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है। विभाग का कहना है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है।
चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की भूमिका
संभागीय चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला खाद्य सुरक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसकी मदद से अधिकारियों को दूरस्थ क्षेत्रों में भी खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच करने में सहायता मिलती है।इस प्रयोगशाला के माध्यम से—
- खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच मौके पर होती है।
- मिलावट की आशंका वाले उत्पादों की पहचान की जाती है।
- उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
- संदिग्ध सामग्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई संभव होती है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुल सिंह अलावा ने क्या कहा?
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री राहुल सिंह अलावा ने बताया कि जिले में प्रतिमाह हाट-बाजारों, खाद्य प्रतिष्ठानों तथा स्थानीय निर्माताओं के यहां औचक निरीक्षण किए जाते हैं।उन्होंने बताया कि चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच कर संदिग्ध सामग्री की पहचान की जाती है।
राहुल सिंह अलावा के अनुसार बामनिया स्थित मिर्च पिसाई केंद्रों पर जांच के दौरान लाल मिर्च पाउडर अवमानक होने की आशंका पाई गई, जिसके आधार पर 68 किलोग्राम लाल मिर्च पाउडर जब्त किया गया।
कार्रवाई में कौन-कौन रहे मौजूद
इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रयोगशाला की टीम के कई अधिकारी मौजूद रहे।मुख्य रूप से—
- खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुल सिंह अलावा
- खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेल सिंह मोरी
- चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के लैब टेक्नीशियन
ने संयुक्त रूप से निरीक्षण और नमूना संग्रहण की प्रक्रिया पूरी की।
मिलावटखोरी पर प्रशासन की सख्ती
झाबुआ जिला प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा की जा रही नियमित जांच और कार्रवाई उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण कदम है।
उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो इसकी जानकारी संबंधित विभाग को दें।साथ ही उपभोक्ताओं को हमेशा प्रमाणित और विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
Jhabua जिले के बामनिया क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 68 किलोग्राम लाल मिर्च पाउडर जब्त होने की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशन में चल रही यह मुहिम भविष्य में भी जारी रहेगी, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

