गोबर गैस टंकी की सफाई बनी जानलेवा: पैर फिसलने से 40 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, गांव में शोक की लहर
अनूपपुर | दैनिक स्वराज वाणी | रिपोर्ट: संभाग ब्यूरो प्रमुख सुनील रैदास
अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरवार गांव में शुक्रवार शाम एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। गोबर गैस टंकी (बायोगैस प्लांट) की सफाई के दौरान पैर फिसलने से 40 वर्षीय अजय सिंह राठौर गहरे गोबर गैस कुंड में गिर गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अजय सिंह राठौर मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे, जिनकी असामयिक मृत्यु से पूरा गांव स्तब्ध है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
गोबर गैस टंकी की सफाई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 6 बजे अजय सिंह राठौर अपने घर के पास बने गोबर गैस प्लांट की नियमित सफाई करने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वे वर्षों से स्वयं इस टंकी की सफाई करते आ रहे थे और इस कार्य का उन्हें पर्याप्त अनुभव भी था।
सफाई के दौरान अचानक टंकी की मेढ़ पर उनका संतुलन बिगड़ गया। पैर फिसलते ही वे सीधे गहरे गोबर गैस कुंड में जा गिरे। टंकी में गिरने के बाद वे बाहर नहीं निकल सके, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतनी तेजी से हुआ कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
परिजनों ने आवाज सुनते ही शुरू किया बचाव
हादसे के समय अजय सिंह राठौर के परिजन घर पर ही मौजूद थे। टंकी में गिरने की आवाज सुनते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और तत्काल आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी।
कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद अजय सिंह राठौर को गोबर गैस टंकी से बाहर निकाला।
उस समय तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। समय बर्बाद किए बिना उन्हें तत्काल वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हुई मौत
परिजन अजय सिंह राठौर को गंभीर अवस्था में अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
जब उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी पहुंचाया गया तो वहां मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस दुखद समाचार के मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
करीब 20 वर्षों से करते आ रहे थे सफाई का कार्य
परिजनों ने बताया कि अजय सिंह राठौर पिछले लगभग 20 वर्षों से अपने घर की गोबर गैस टंकी की सफाई स्वयं करते आ रहे थे।
उन्हें इस कार्य का पर्याप्त अनुभव था और पहले कभी इस प्रकार की कोई दुर्घटना नहीं हुई थी। लेकिन शुक्रवार शाम एक छोटी सी चूक उनकी जान पर भारी पड़ गई।
ग्रामीणों का कहना है कि हादसा पूरी तरह आकस्मिक प्रतीत होता है, क्योंकि मृतक नियमित रूप से यही कार्य करते थे।
गांव में पसरा मातम, सभी स्तब्ध
अजय सिंह राठौर की असामयिक मृत्यु की खबर जैसे ही सेमरवार गांव में फैली, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
ग्रामीणों ने बताया कि अजय सरल, मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे। वे सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे और सभी लोगों से उनका आत्मीय व्यवहार था।
उनकी अचानक हुई मौत से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को गहरा आघात पहुंचा है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही जैतहरी थाना पुलिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई।
इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामला दुर्घटनावश टंकी में गिरने का बताया जा रहा है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
मृतक प्रतिष्ठित परिवार से थे
जानकारी के अनुसार मृतक अजय सिंह राठौर के पिता विजय सिंह राठौर अनूपपुर किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिचित और सामाजिक लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
इस हादसे ने जिले में भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है।
बायोगैस टंकियों की सफाई में बरतें विशेष सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि गोबर गैस टंकियों की सफाई के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतना आवश्यक है। ऐसी टंकियों में फिसलन के साथ-साथ ऑक्सीजन की कमी तथा मीथेन जैसी गैसों की मौजूदगी भी जोखिम बढ़ा सकती है।
सुरक्षा के लिए निम्न सावधानियां अपनाना आवश्यक माना जाता है—
- अकेले टंकी की सफाई न करें।
- सुरक्षा रस्सी और मजबूत सहारे का उपयोग करें।
- टंकी में उतरने से पहले पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करें।
- आवश्यकता होने पर सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें।
- आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सतर्कता कई गंभीर दुर्घटनाओं को रोक सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा जागरूकता की आवश्यकता
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग पारंपरिक तरीके से गोबर गैस संयंत्रों की सफाई करते हैं। कई बार सुरक्षा उपकरणों और आवश्यक सावधानियों के अभाव में दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों को समय-समय पर ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अजय सिंह राठौर की आकस्मिक मृत्यु से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव के लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
यह दुखद हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि रोजमर्रा के कार्यों में भी सुरक्षा उपायों की अनदेखी कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। गोबर गैस टंकियों जैसी संरचनाओं की सफाई करते समय आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
