MP को मिले 4 Greenfield एक्सप्रेस-वे, भारतमाला परियोजना में शामिल
MP के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। MP से गुजरने वाले चार ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को भारतमाला परियोजना में शामिल किया गया है। इन एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई लगभग 3,000 किलोमीटर होगी, और इनके निर्माण पर अनुमानित 70,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। इस बजट प्रावधान के बाद अब इन परियोजनाओं के निर्माण का मार्ग पूरी तरह से साफ हो गया है।
इन चार एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना, माल परिवहन को तेज और किफायती बनाना और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, इन परियोजनाओं से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और इंदौर को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
कौन-कौन से एक्सप्रेस-वे शामिल हैं
अधिकृत जानकारी के अनुसार, इन चार Greenfield एक्सप्रेस-वे में प्रमुख रूप से कोटा–इटावा एक्सप्रेस-वे शामिल है। केंद्र सरकार की योजना है कि इस वर्ष से इन सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश की यातायात व्यवस्था केवल बेहतर नहीं होगी, बल्कि माल परिवहन भी तेज, सुरक्षित और सस्ता होगा। वर्तमान में माल और वाणिज्यिक वाहनों के लिए लंबी दूरी तय करने में समय अधिक लगता है। एक्सप्रेस-वे के बनने से दूरी और समय दोनों में भारी कमी आएगी।
हालांकि, अटल एक्सप्रेस-वे और भोपाल–इंदौर एक्सप्रेस-वे में भूमि अधिग्रहण और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण निर्माण में एक साल तक की देरी हो सकती है। इसके बावजूद, परियोजनाओं का लाभ दीर्घकालीन होगा।
स्थानीय रोजगार और आर्थिक लाभ
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में मजदूर, इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और अन्य सहायक कर्मी कार्य में शामिल होंगे।
सड़क किनारे बसे शहरों और गांवों में होटल, ढाबे, पेट्रोल पंप, गोदाम और छोटे-बड़े व्यवसाय तेजी से विकसित होंगे। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि छोटे व्यवसायों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे।
सड़क के पास बसे शहरों में वाणिज्यिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। नई सड़क से जुड़े पेट्रोल पंप, होटल, लॉजिस्टिक्स और गोदाम क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बढ़ेगी। इससे ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
भारतमाला परियोजना के लाभ
लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता बी. पी. पटेल के अनुसार, एक्सप्रेस-वे बनने से वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे सरकार को टोल और कर राजस्व के रूप में स्थायी आय होगी।
साथ ही, कम समय में एक राज्य से दूसरे राज्य तक माल और वस्तुओं की आवाजाही संभव होगी। इससे प्रदेश में व्यापार और उद्योग दोनों को मजबूती मिलेगी।
एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से यातायात दुर्घटनाओं की संख्या में कमी भी आने की उम्मीद है। नए निर्माण में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
इंदौर बनेगा लॉजिस्टिक्स का बड़ा केंद्र
इन एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के साथ ही इंदौर में प्रस्तावित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण भी तेज होगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है।
यह लॉजिस्टिक पार्क 1,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसमें देश की बड़ी कंपनियों के वेयरहाउस, निर्माण और असेंबलिंग यूनिटें स्थापित होंगी।
मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति देश के केंद्र में होने के कारण यहां से तीन घंटे के भीतर किसी भी राज्य तक माल और सामग्री की आपूर्ति की जा सकेगी। इस तरह प्रदेश राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर सकता है।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों को बढ़ावा
एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का प्रभाव धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
- ओंकारेश्वर और अमरकंटक को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रसाद योजना के तहत 94 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत वन्यजीव, बौद्ध, विरासत और इको सर्किट के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बीते आठ वर्षों में मध्य प्रदेश के पर्यटन विकास पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इन एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान और तेज होगी, जिससे प्रदेश में पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी।
औद्योगिक और आर्थिक विकास पर असर
चारों Greenfield एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से प्रदेश के औद्योगिक, आर्थिक और व्यापारिक विकास में उल्लेखनीय सुधार होगा।
- यातायात व्यवस्था मजबूत होगी – शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क परिवहन की गति बढ़ेगी।
- माल परिवहन तेज और किफायती होगा – व्यापारियों के लिए लागत में कमी आएगी।
- स्थानीय रोजगार बढ़ेगा – निर्माण और लॉजिस्टिक गतिविधियों में श्रमिकों के लिए अवसर।
- इंदौर राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित होगा।
- पर्यटन और धार्मिक स्थलों को बढ़ावा – पहुंच आसान होने से राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन बढ़ेगा।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से मध्य प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है और प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए आकर्षक बनाया जा सकता है।
निष्कर्ष
भारतमाला परियोजना में शामिल ये चार ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे MP के आर्थिक, औद्योगिक, और पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाले हैं।
- प्रदेश में सड़क और यातायात प्रणाली मजबूत होगी।
- माल और वाणिज्यिक वस्तुओं का परिवहन तेज और सुरक्षित होगा।
- स्थानीय रोजगार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।
- इंदौर और आसपास के क्षेत्र लॉजिस्टिक्स और व्यापार के बड़े केंद्र के रूप में उभरेंगे।
- धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे प्रदेश में पर्यटन वृद्धि होगी।
इस तरह, ये परियोजनाएं MP की विकास यात्रा को नए आयाम देंगी और प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक ताकत को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेंगी।

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