वरिष्ठ नागरिक दिवस पर मनावर के महाविद्यालय में आयोजन, अनुभव और मार्गदर्शन को बताया समाज की धरोहर
Manawar । वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव, जीवन मूल्यों और समाज के प्रति उनके योगदान को सम्मान देना तथा युवा पीढ़ी को उनके अनुभवों से सीख लेने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों और महाविद्यालय परिवार के सदस्यों ने सहभागिता की।
वरिष्ठजनों के सम्मान का आयोजन
आज के तेज रफ्तार दौर में जब परिवार और समाज का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और मार्गदर्शन की अहमियत और बढ़ गई है। इसी भावना के साथ महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को यह संदेश दिया गया कि बुजुर्गों का सम्मान केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है।
अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक लूणा जी काग, रमेश जी कुशवाह और रमेश जी पाटीदार अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया। अतिथियों की उपस्थिति से विद्यार्थियों और स्टाफ में विशेष उत्साह देखा गया।
प्राचार्य ने बताया वरिष्ठ पीढ़ी का महत्व
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरसी पांटेल के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के निर्माण और विकास में वरिष्ठ पीढ़ी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उनके जीवन के अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का कार्य करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने बड़ों के अनुभवों को ध्यान से सुनें और उनसे सीख लें।

संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश
वरिष्ठ नागरिक लूणा जी काग ने जीवन के विभिन्न अनुभव साझा करते हुए युवा पीढ़ी को संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों को समाज की अमूल्य धरोहर के रूप में देखा जाना चाहिए।
बदलते परिवेश में परिवार और समाज की भूमिका
रमेश जी कुशवाह ने अपने विचार रखते हुए बदलते सामाजिक परिवेश में परिवार और समाज की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने युवा पीढ़ी से वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन के उतार-चढ़ाव से प्राप्त अनुभव आने वाली पीढ़ी को सही दिशा देने में उपयोगी साबित होते हैं।
केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहे दिवस
कार्यक्रम में पत्रकार अंकित शुक्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि वरिष्ठजनों के जीवन संघर्ष, अनुभव और विचारों से सीख ले, तो वह अपने भविष्य को अधिक बेहतर दिशा दे सकती है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिक दिवस को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए वरिष्ठजनों के सम्मान और सहयोग की भावना को दैनिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता बताई।
संचालन और आभार
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. के.एस. वास्केल ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए अतिथियों और वक्ताओं का परिचय कराया तथा वरिष्ठ नागरिक दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में समस्त स्टाफ और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। अंत में सुरेश कवचे ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
समाज में वरिष्ठजनों की भूमिका को सशक्त बनाने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, उनके अनुभवों से सीख लेने तथा समाज में उनकी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने का संदेश दिया गया। यह आयोजन महाविद्यालय परिवार के लिए वरिष्ठ पीढ़ी के अनुभवों से संवाद का महत्वपूर्ण अवसर बना। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में बड़ों के प्रति आदर और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं और पीढ़ियों के बीच संवाद का सेतु बनाते हैं।
