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सिलवानी नेशनल लोक अदालत में 323 प्रकरणों का हुआ निराकरण, प्री-लिटिगेशन मामलों में ₹29.76 लाख से अधिक की वसूली; समझौते के बाद पक्षकारों को पौधे भेंट कर किया गया विदा

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Published On: 12 September 2026

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सिलवानी नेशनल लोक अदालत में 323 प्रकरणों का हुआ निराकरण, प्री-लिटिगेशन मामलों में ₹29.76 लाख से अधिक की वसूली; समझौते के बाद पक्षकारों को पौधे भेंट कर किया गया विदा

प्री-लिटिगेशन मामलों में ₹29.76 लाख से अधिक की वसूली, समझौते के बाद पक्षकारों को पौधे देकर किया विदा


संवाददाता: उमेश चौबे, ब्यूरो चीफ रायसेन, दैनिक स्वराज वाणी

सिलवानी। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार शनिवार, 12 सितंबर 2026 को सिलवानी न्यायालय में नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई। लोक अदालत सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक चली। इस दौरान न्यायालय में लंबित 26 राजीनामा योग्य मामलों और 297 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों सहित कुल 323 मामलों का निराकरण किया गया। प्री-लिटिगेशन मामलों में कुल ₹29 लाख 76 हजार 207 की वसूली हुई।

लोक अदालत से समाप्त होती है आपसी कटुता

लोक अदालत के अंतर्गत आयोजित विधिक साक्षरता शिविर को संबोधित करते हुए तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी की अध्यक्ष सुनीता पचौरिया ने लोक अदालत के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों के बीच आपसी सद्भाव बढ़ता है और विवादों के कारण उत्पन्न कटुता समाप्त होती है।

उन्होंने बताया कि लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का निराकरण होने पर पक्षकारों के समय, धन और श्रम की बचत होती है। इसके अतिरिक्त लोक अदालत में निराकृत न्यायालयीन मामलों में जमा किया गया न्याय शुल्क नियमानुसार वापस प्राप्त हो जाता है।

26 लंबित मामलों में हुआ समझौता

नेशनल लोक अदालत के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुनीता पचौरिया की खंडपीठ गठित की गई। खंडपीठ के समक्ष न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य सिविल, आपराधिक, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद और बैंक रिकवरी से संबंधित प्रकरण रखे गए।

लोक अदालत में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और समझौते के आधार पर न्यायालय में लंबित कुल 26 मामलों का निराकरण किया गया। समझौते से मामलों का समाधान होने पर पक्षकारों ने राहत महसूस की।

297 प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा

लोक अदालत में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नगर परिषद सिलवानी और विभिन्न बैंकों से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामले भी प्रस्तुत किए गए। इस श्रेणी में कुल 297 प्रकरणों का निराकरण किया गया और ₹29 लाख 76 हजार 207 की वसूली हुई।

न्यायाधीश सुनीता पचौरिया ने बैंकों और नगर परिषद सिलवानी द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित स्टॉलों पर पहुंचे पक्षकारों की समस्याएं सुनीं और विभागीय कर्मचारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए।

पक्षकारों को भेंट किए पौधे

मामलों का समाधान होने के बाद पक्षकारों को न्यायाधीश के हाथों पौधे भेंट किए गए। वर्षों से न्यायालयों के चक्कर लगा रहे कई पक्षकार समझौते से विवाद समाप्त होने के बाद चेहरे पर मुस्कान और हाथों में पौधे लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

लोक अदालत में पीठासीन सदस्य अतुल श्रीवास्तव, अधिवक्ता संघ सिलवानी के अध्यक्ष जीएस रघुवंशी, अधिवक्ता दीपेश समैया, एम. इमरान, संदीप जैन और नितिन सोनी सहित विभागीय कर्मचारी एवं पक्षकार उपस्थित रहे।

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