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ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में सफलता — 35 महिलाएं घर बैठे रोजगार के लिए तैयार

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Published On: 25 February 2026
35Hindi: भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने महिलाओं के लिए घर बैठे रोजगार अभियान शुरू किया
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ग्रामीण महिलाओं को घर बैठे रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता — 35 महिलाओं का समूह रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार

नई दिल्ली: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे घर बैठे रोजगार अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। संगठन ने चयनित 35 ग्रामीण महिलाओं के समूह की बैठक आयोजित कर उन्हें औपचारिक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया। यह कदम न केवल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस उदाहरण प्रस्तुत करता है।

बैठक में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिक्रियाएँ

बैठक में शामिल महिलाओं ने संगठन के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि घर बैठे रोजगार मिलने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी। महिलाओं ने व्यक्त किया कि यह पहल उन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर देगी। बैठक में महिलाओं को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण कार्यक्रम और आगे आने वाले रोजगार अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस अवसर पर संगठन की राष्ट्रीय महामंत्री साधना सेठी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति तक रोजगार और अवसर पहुँचाना है। उन्होंने आगे कहा,

“यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम है। इसी क्रम में एक और 35 महिलाओं का समूह तैयार किया गया है, जिसे शीघ्र ही रोजगार से जोड़ा जाएगा। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक महिला को वह अवसर मिले, जिससे वह आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वतंत्र बन सके।”

महामंत्री साधना सेठी ने यह भी बताया कि संगठन की प्राथमिकता है कि ग्रामीण महिलाओं को स्थायी रोजगार और प्रशिक्षण दोनों उपलब्ध कराए जाएँ ताकि वे अपने कौशल का उपयोग करके घर बैठे स्थिर आय अर्जित कर सकें।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का मूल उद्देश्य मानव सेवा के साथ-साथ आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है। उन्होंने कहा,

“ग्रामीण महिलाओं को घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। यह पहल महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बनाएगी बल्कि उन्हें सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास भी प्रदान करेगी। हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम समाज के हर वर्ग तक रोजगार और अवसर पहुँचाएँ।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर नागरिक बनाना है।

पदाधिकारियों का संयुक्त संदेश

संगठन के पदाधिकारी शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, युवराज सिंह राठौर, रामवेश सिंह कुशवाह, मनीष गुप्ता और जीवनलाल जैन चाय वाले ने संयुक्त रूप से कहा कि यह अभियान महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगठन नियमित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सहयोग प्रदान करता रहेगा।

सभी पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे और समूह तैयार किए जाएंगे और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

घर बैठे रोजगार: महिलाओं के लिए अवसर और लाभ

1. आर्थिक सशक्तिकरण

घर बैठे रोजगार महिलाओं को स्थायी आय का अवसर देता है। इससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था में योगदान कर सकती हैं।

2. समय और जिम्मेदारी का संतुलन

ग्रामीण महिलाएं अक्सर परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहती हैं। घर बैठे रोजगार उन्हें लचीलापन देता है और वे अपने घरेलू कार्य और पेशेवर काम के बीच संतुलन बना सकती हैं।

3. आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान

स्वयं की आय होने से महिलाओं में आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान बढ़ता है। वे परिवार और समाज में अपनी पहचान के साथ मजबूत भूमिका निभा सकती हैं।

4. कौशल विकास और प्रशिक्षण

संगठन महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ प्रशिक्षण और कौशल विकास भी प्रदान करता है। इससे उनकी पेशेवर दक्षता बढ़ती है और वे विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनती हैं।

भविष्य की योजनाएँ और विस्तार

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की योजना है कि आने वाले वर्षों में सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाए। इसके तहत:

  • नए समूहों का चयन और रजिस्ट्रेशन
  • प्रशिक्षण और मार्गदर्शन कार्यक्रम
  • डिजिटल और शिल्प कौशल आधारित रोजगार अवसर
  • निरंतर आर्थिक और मानसिक सहयोग

इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें समाज में सशक्त और सम्मानित बनाना है।

निष्कर्ष

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का यह घर बैठे रोजगार अभियान ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम है। 35 महिलाओं के समूह का रजिस्ट्रेशन पूर्ण होना न केवल उनकी आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक है बल्कि समाज के लिए प्रेरणादायक मॉडल भी प्रस्तुत करता है।

संगठन का प्रयास है कि भविष्य में ऐसे और समूह तैयार किए जाएँ और प्रत्येक महिला तक रोजगार, प्रशिक्षण और अवसर पहुँचें। इस पहल से न केवल ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि उनका सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

 

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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