घटना से इलाके में मचा हड़कंप
Greater Tirupati Nagar (बख्तावरराम नगर) क्षेत्र में गुरुवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब घर के पास स्थित बगीचे में खेल रहे दो मासूम बच्चों का रहस्यमय तरीके से अपहरण कर लिया गया। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को अंदाजा तक नहीं लगा और देखते ही देखते पूरा इलाका दहशत में आ गया।
स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार यह एक सामान्य शाम थी, लेकिन कुछ ही घंटों में यह एक बड़े अपराध में बदल गई जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया।
रोज की तरह खेलने गए थे बच्चे
बड़ी ग्वालटोली निवासी आठ वर्षीय नैतिक (डुग्गु) पिता सन्नी सोनकर और लालाराम नगर निवासी 11 वर्षीय सम्राट पिता अजयदेव रोज की तरह गुरुवार शाम करीब 7:40 बजे घर के पास बगीचे में खेलने गए थे।
दोनों बच्चे अपने दोस्तों के साथ खेल में व्यस्त थे और परिवार को किसी अनहोनी की आशंका नहीं थी। लेकिन इसी दौरान एक अनजान युवती वहां पहुंची और बच्चों से बातचीत शुरू कर दी।
युवती ने बहलाकर किया अपहरण
प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सामने आया है कि युवती ने पहले बच्चों को बातों में उलझाया और फिर उन्हें अपने साथ चलने के लिए राजी कर लिया।
कुछ ही देर में वह दोनों बच्चों को बगीचे से बाहर ले गई। इसके बाद वह बच्चों के साथ पैदल कुछ दूरी तक गई और फिर एक कैब में बैठकर फरार हो गई।
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि किसी को भी शक नहीं हुआ और अपहरण बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया।
परिवार की चिंता और तलाश शुरू
जब दोनों बच्चे रात आठ बजे तक घर नहीं लौटे तो परिवार को चिंता होने लगी। पहले तो उन्होंने सोचा कि बच्चे आसपास कहीं होंगे, लेकिन जब काफी देर तक कोई पता नहीं चला तो खोजबीन शुरू की गई।
परिजन आसपास के इलाकों में बच्चों की तलाश करते रहे और रिश्तेदारों को भी सूचना दी गई। लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। फुटेज में दोनों बच्चे एक युवती के साथ जाते हुए दिखाई दिए।
इसके बाद फुटेज में यह भी स्पष्ट हुआ कि युवती बच्चों के साथ कुछ दूरी तय करने के बाद एक कैब में बैठकर वहां से चली गई।
सीसीटीवी ने इस पूरे मामले को स्पष्ट कर दिया कि यह एक सुनियोजित अपहरण था।
फिरौती के लिए आए फोन कॉल
रात करीब 11 बजे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया जब नैतिक की मां पूजा के मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया।
कॉल करने वाली युवती ने सीधे 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग की और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो बच्चों को कहीं दूर ले जाया जाएगा।
इसके बाद एक के बाद एक कई कॉल आए और परिवार को लगातार मानसिक रूप से दबाव में रखा गया।
पुलिस की भूमिका और शुरुआती विवाद
घटना के दौरान पुलिस मौके पर पहुंच चुकी थी और जांच शुरू कर दी थी। इसी दौरान एसीपी तुषार सिंह ने परिजनों से कहा कि वे फिरौती की रकम जुटाने का प्रयास करें ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।
इस बयान को लेकर इलाके में कुछ लोगों में नाराजगी भी देखी गई, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह रणनीति जांच का हिस्सा थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
लगातार जांच और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस को सुराग मिला और देर रात करीब एक बजे दत्त नगर इलाके से आरोपी युवती राधिका को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तुरंत दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया। बच्चों को सकुशल पाकर परिजनों की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने राहत की सांस ली।
बच्चों की सुरक्षित वापसी
दोनों बच्चों को मेडिकल जांच के बाद उनके परिवार को सौंप दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों की स्थिति सामान्य है, हालांकि वे मानसिक रूप से डरे हुए हैं।
परिवार ने पुलिस और प्रशासन का आभार जताया कि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित वापस लाया गया।
आरोपी से पूछताछ जारी
पुलिस अब आरोपी युवती से गहन पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या वह अकेले इस अपराध में शामिल थी या उसके पीछे कोई गिरोह सक्रिय है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी बड़े अपहरण गिरोह का हिस्सा है जो बच्चों को निशाना बनाता है।
इलाके में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बगीचों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए।
माता-पिता अब बच्चों को अकेले बाहर भेजने में हिचकिचा रहे हैं और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह से एक अनजान युवती आसानी से बच्चों को बहलाकर ले गई, उसने सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सीसीटीवी और पुलिस की तत्परता नहीं होती तो मामला और गंभीर हो सकता था।
निष्कर्ष
ग्रेटर तिरुपति नगर में हुआ यह अपहरण कांड एक बड़ी चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पुलिस ने भले ही त्वरित कार्रवाई कर बच्चों को बचा लिया हो, लेकिन यह घटना समाज को सतर्क रहने का संदेश देती है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पूरे मामले के पीछे की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
