बीमार बुजुर्ग हीरालाल जी का उपचार कराने के लिए नगरपालिका नागदा ने तत्काल पहल की। जन सेवा हॉस्पिटल में भर्ती कर बेहतर इलाज की व्यवस्था की गई। सांसद प्रतिनिधि ओ.पी. गेहलोत, नपाध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत और उपाध्यक्ष सुभाषचंद शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली।
बीमार बुजुर्ग हीरालाल जी का उपचार: नगरपालिका नागदा की मानवीय पहल बनी मिसाल
रिपोर्ट: (नि.प्र.) / दैनिक स्वराज वाणी
बीमार बुजुर्ग हीरालाल जी का उपचार: नगरपालिका नागदा की मानवीय पहल
नागदा नगर की अटल वृद्धाश्रम में वर्ष 2013 से रह रहे बुजुर्ग हीरालाल जी पिता नगुलाल जी की तबीयत अचानक खराब होने पर नगरपालिका प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल उपचार की व्यवस्था कर मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। बीमार बुजुर्ग हीरालाल जी का उपचार सुनिश्चित करने के लिए नपाध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत के निर्देश पर वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत जन सेवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि उनके पैर में गंभीर संक्रमण (इन्फेक्शन) होने के कारण सूजन आ गई है, जिसके चलते लगातार चिकित्सा दी जा रही है।
जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर लिया स्वास्थ्य का जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही सांसद एवं अध्यक्ष प्रतिनिधि ओ.पी. गेहलोत स्वयं जन सेवा हॉस्पिटल पहुंचे। उनके साथ नगर पालिका उपाध्यक्ष सुभाषचंद शर्मा भी मौजूद रहे।दोनों जनप्रतिनिधियों ने हीरालाल जी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
इसके बाद उन्होंने उपचार कर रहे डॉ. जितेंद्र पाल से विस्तार से चर्चा कर स्वास्थ्य की जानकारी ली।
उपचार में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा नहीं आने देने के निर्देश
डॉ. जितेंद्र पाल ने बताया कि मरीज का उपचार लगातार जारी है।इस दौरान ओ.पी. गेहलोत ने डॉक्टरों से कहा कि उपचार में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इलाज के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें। इसके लिए एक कर्मचारी को विशेष रूप से निगरानी एवं समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई।
“वृद्धजन हमारे परिवार के सदस्य हैं” — ओ.पी. गेहलोत
अस्पताल में मीडिया से चर्चा करते हुए ओ.पी. गेहलोत ने कहा कि—
“वृद्धजनों की सेवा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। अटल वृद्धाश्रम में रहने वाले सभी बुजुर्ग हमारे माता-पिता समान हैं। उनकी सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद बुजुर्ग को समय पर उपचार उपलब्ध कराना नगरपालिका और सरकार का नैतिक दायित्व है।
वर्ष 2013 से अटल वृद्धाश्रम में रह रहे हैं हीरालाल जी
जानकारी के अनुसार हीरालाल जी वर्ष 2013 से अटल वृद्धाश्रम में रह रहे हैं।वृद्धाश्रम प्रशासन लगातार उनकी देखभाल करता रहा है। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद तत्काल अस्पताल पहुंचाकर समय पर उपचार शुरू कराया गया।
सेवा और संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण
नगरपालिका द्वारा दिखाई गई तत्परता ने यह संदेश दिया है कि प्रशासन केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।अस्पताल में भर्ती होने के बाद चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है और स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
नगरवासियों ने की सराहना
नगरवासियों ने इस पहल की खुले दिल से प्रशंसा की।लोगों का कहना है कि जिस प्रकार नगरपालिका ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग के उपचार की व्यवस्था की, वह समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।सामाजिक संगठनों ने भी इसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा सराहनीय कदम बताया।
निष्कर्ष
बीमार बुजुर्ग हीरालाल जी का उपचार केवल एक चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। नगरपालिका नागदा द्वारा समय पर की गई कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो तो जरूरतमंद लोगों तक सहायता तुरंत पहुंच सकती है।
