16 जुलाई चक्का जाम आमला को लेकर वार्ड 9 की पार्षद खुशबू विजय अतुलकर ने एसडीएम को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। 10 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर मां चंद्रभागा नदी पुल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों के साथ चक्का जाम की चेतावनी। पढ़ें पूरी खबर।
16 जुलाई चक्का जाम आमला: 9 सूत्रीय मांगों को लेकर मां चंद्रभागा नदी पुल पर आंदोलन की चेतावनी, पार्षद खुशबू विजय अतुलकर ने सौंपा ज्ञापन
संवाददाता : जयंत गोहे, आमला
आमला: 16 जुलाई चक्का जाम आमला को लेकर प्रशासन को अल्टीमेटम
16 जुलाई चक्का जाम आमला को लेकर वार्ड क्रमांक 9 भगत सिंह बस स्टैंड, बल्लाचाल एवं बड़ाईचाल क्षेत्र की पार्षद तथा यूथ कांग्रेस जिला महासचिव कुमारी खुशबू विजय अतुलकर ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी 10 दिनों के भीतर जनहित से जुड़ी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो 16 जुलाई को दोपहर 12 बजे मां चंद्रभागा नदी पुल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों के साथ चक्का जाम किया जाएगा।
पार्षद का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि प्रशासन ने अब भी जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
पहले भी कई बार दिए गए ज्ञापन, नहीं हुई कार्रवाई
पार्षद खुशबू विजय अतुलकर ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि वे पूर्व में भी कई बार नगर की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंप चुकी हैं।
इसके बावजूद किसी भी मांग पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हुए केवल टालमटोल कर रहे हैं, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि प्रशासन की उदासीनता के कारण जनता में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है।
पार्षद की 9 सूत्रीय प्रमुख मांगें
ज्ञापन में निम्नलिखित 9 प्रमुख मांगें रखी गई हैं—
- मां चंद्रभागा नदी के दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग एवं स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।
- नगर की सभी आंगनबाड़ियों का कायाकल्प एवं मरम्मत कराई जाए।
- नगर की जर्जर एवं गड्ढायुक्त सड़कों की तत्काल मरम्मत हो।
- बस स्टैंड रेलवे पटरी के पास क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण कराया जाए।
- शनिचरा बाजार स्थित नगर पालिका की 10 दुकानों की नीलामी की जाए।
- किसानों को खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- संकरी गलियों में तीन चक्का ऑटो के माध्यम से घर-घर गैस वितरण सेवा शुरू की जाए।
- फुटकर व्यापारियों के लिए व्यवस्थित स्थान एवं दुकानों का आवंटन किया जाए।
- उपभोक्ताओं के बढ़े हुए बिजली बिलों में सुधार किया जाए।
16 जुलाई को होगा चक्का जाम
पार्षद खुशबू विजय अतुलकर ने स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 16 जुलाई दोपहर 12 बजे मां चंद्रभागा नदी पुल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र की जनता के साथ चक्का जाम किया जाएगा।उन्होंने कहा कि आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा और इसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल होंगे।
प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
पार्षद ने कहा कि जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों में प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है।उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, आंगनबाड़ी और किसानों से जुड़े मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं लेकिन समाधान नहीं हो रहा।उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद अधिकारी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।
जनता को हो रही है परेशानी
क्षेत्र के नागरिकों को खराब सड़क, स्ट्रीट लाइट की कमी, आंगनबाड़ियों की खराब स्थिति, किसानों को खाद-बीज की अनुपलब्धता तथा बढ़े हुए बिजली बिल जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।व्यापारियों और आम नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी
पार्षद खुशबू विजय अतुलकर ने कहा कि यदि प्रशासन निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं करता और 16 जुलाई को चक्का जाम की स्थिति बनती है तो उससे उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।उन्होंने प्रशासन से जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है ताकि आंदोलन की नौबत न आए।
निष्कर्ष
16 जुलाई चक्का जाम आमला को लेकर नगर की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन 10 दिनों के भीतर इन 9 सूत्रीय मांगों पर क्या निर्णय लेता है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो मां चंद्रभागा नदी पुल पर प्रस्तावित चक्का जाम आमला की बड़ी राजनीतिक गतिविधि बन सकता है।
