शासकीय महाविद्यालय आठनेर में 15 दिवसीय आत्मरक्षा जूडो-कराटे प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ
छात्र-छात्राओं को सिखाए जाएंगे पंच, किक, ब्लॉक और आपातकालीन बचाव के गुर, आत्मविश्वास के साथ शारीरिक-मानसिक मजबूती पर जोर
आठनेर। शासकीय महाविद्यालय आठनेर में विद्यार्थियों को आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाने और उनमें शारीरिक एवं मानसिक मजबूती विकसित करने के उद्देश्य से 15 दिवसीय निःशुल्क जूडो-कराटे आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। प्राचार्य डॉ. सरोज पाटिल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में 28 सितंबर 2026 को रेड रिबन क्लब और क्रीड़ा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
मां सरस्वती के पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि, प्राचार्य और मंचासीन प्राध्यापकों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद सरस्वती वंदना हुई। रेड रिबन क्लब और क्रीड़ा विभाग के छात्र-छात्राओं ने अतिथियों एवं मुख्य प्रशिक्षक का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए नियमित रूप से शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
किताबी ज्ञान के साथ आत्मरक्षा भी जरूरी : डॉ. सरोज पाटिल
प्राचार्य डॉ. सरोज पाटिल ने कहा कि वर्तमान समय में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विशेष रूप से छात्राओं का शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जूडो-कराटे जैसी आत्मरक्षा विधाएं आपात स्थिति में स्वयं की सुरक्षा करने का साहस देने के साथ विद्यार्थियों में मानसिक एकाग्रता, धैर्य और अनुशासन भी विकसित करती हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से पूरे 15 दिनों तक नियमित प्रशिक्षण लेकर तकनीकों को अच्छी तरह सीखने का आह्वान किया।
15 दिनों में सिखाए जाएंगे आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर
मुख्य प्रशिक्षक राधेलाल वानखेड़े ने कहा कि आत्मरक्षा का उद्देश्य किसी पर हमला करना नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थिति में त्वरित निर्णय लेते हुए स्वयं को सुरक्षित करना है।
उन्होंने बताया कि 15 दिवसीय शिविर में विद्यार्थियों को आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकों के साथ पंच, किक, ब्लॉक तकनीक और आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव के व्यावहारिक तरीके सिखाए जाएंगे।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को आत्मरक्षा के साथ सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी जाएगी।
विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाएगा प्रशिक्षण
रेड रिबन क्लब प्रभारी डॉ. सुरेंद्र जीतपुरे ने कहा कि युवाओं को ऊर्जावान और सामाजिक रूप से जागरूक बनाने में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिविर विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगा। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में घबराने के बजाय समझदारी से निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करता है।
फिटनेस के लिए खेल और मार्शल आर्ट जरूरी
क्रीड़ा अधिकारी प्रो. पिन्हास दास वडिवा ने शारीरिक फिटनेस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में स्वस्थ शरीर का विशेष महत्व है। खेल और मार्शल आर्ट से शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है तथा मानसिक तनाव को कम करने में भी मदद मिलती है।
उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से पूरे मनोयोग के साथ प्रशिक्षण में भाग लेने और नियमित अभ्यास करने की अपील की।
पहले दिन विद्यार्थियों ने सीखे वार्म-अप और सुरक्षा के नियम
उद्बोधन के बाद मुख्य प्रशिक्षक राधेलाल वानखेड़े ने प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत की। पहले दिन विद्यार्थियों को बुनियादी वार्म-अप एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग और आत्मरक्षा से जुड़े प्राथमिक सुरक्षा नियमों का अभ्यास कराया गया।
विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया और आत्मरक्षा की प्रारंभिक तकनीकों को समझा। आगामी दिनों में चरणबद्ध तरीके से विभिन्न जूडो-कराटे तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में क्रीड़ा विभाग की ओर से सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
