राजगढ़: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। उन्होंने ‘लखपति किसान पुरस्कार’ की घोषणा की, जिसके तहत जो किसान एक बीघे जमीन पर 1 लाख रुपये की आय अर्जित करेंगे, उन्हें राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। यह ऐलान उन्होंने राजगढ़ में आयोजित ‘कृषि सखी अभियान’ के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान किया।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त के अवसर पर आयोजन
कार्यक्रम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से देश भर के किसानों के खातों में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की, जिसका सीधा प्रसारण राजगढ़ में किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण घोषणा की।

किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह पुरस्कार किसानों को खेती में नवीन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प किसानों की आय को दोगुना करना है और हमारी सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह पुरस्कार उसी दिशा में एक सार्थक कदम है।”
‘कृषि सखी अभियान’ की शुरुआत
सीएम मोहन यादव ने ‘कृषि सखी अभियान’ की भी शुरुआत की। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षित कृषि सखियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ये कृषि सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बेहतर खेती की पद्धतियों, बीज उपचार, जैविक खेती और अन्य तकनीकी ज्ञान में मार्गदर्शन देंगी। इससे न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
राजगढ़ को 645 करोड़ रुपये की सौगात
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राजगढ़ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले को 645 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए काम कर रही है।
डबल इंजन सरकार किसानों के साथ
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ‘डबल इंजन’ की सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत केंद्र से मिलने वाले 6,000 रुपये के अलावा, राज्य सरकार भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 6,000 रुपये की अतिरिक्त राशि दे रही है। इससे किसानों को सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है।
