इंदौर: शहर के 11 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर को हटाने का काम हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद तेजी पकड़ गया है। प्रशासन राजीव गांधी चौराहे से निरंजनपुर तक फैले इस कॉरिडोर को खत्म करने में जुटा है।
कॉरिडोर की रेलिंग का काम अंतिम चरण में
फिलहाल कॉरिडोर की रेलिंग हटाने का काम अंतिम चरण में है। नगर निगम और संबंधित विभागों ने हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, कॉरिडोर की एक तरफ की रेलिंग कई जगहों से पूरी तरह निकाल दी गई है, और यह काम अगले एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा।

सोमवार से बस स्टॉप हटाने की प्रक्रिया शुरू
नगर निगम के जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि रेलिंग हटाने के बाद डिवाइडर को तोड़कर सड़क को समतल किया जाएगा। इसके बाद बीआरटीएस कॉरिडोर के बीच बने बस स्टॉप्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा:
“बीआरटीएस की रेलिंग हटाने का काम तेज गति से चल रहा है। एक तरफ का काम एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। इसके बाद बस स्टॉप हटाने की कार्रवाई शुरू होगी।”
नई ट्रैफिक व्यवस्था और नए बस स्टॉप्स
कॉरिडोर हट जाने के बाद बसें अब सामान्य ट्रैफिक लेन पर चल रही हैं, जिससे यात्रियों को सफर में थोड़ा अधिक समय लग रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए, पुराने बस स्टॉप हटाने के बाद AICTSL द्वारा सड़क किनारे नए बस स्टॉप बनाए जाएंगे।

इसके बाद, सड़क के बीच में नया डिवाइडर बनाकर ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाया जाएगा। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य शहर की प्रमुख सड़क पर ट्रैफिक दबाव को कम करना और यातायात को बेहतर बनाना है।
