इंदौर–धार रोड पर बनेंगे 100 करोड़ के तीन बड़े फ्लाईओवर: ब्लैक स्पॉट्स पर मिलेगी राहत, दुर्घटनाएं होंगी कम
इदौर। इंदौर–अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर यातायात दबाव और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। इंदौर जिले की सीमाओं में आने वाले तीन प्रमुख ब्लैक स्पॉट्स पर अब 100 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक फ्लाईओवर ब्रिज बनाए जाएंगे।
इन फ्लाईओवरों का उद्देश्य केवल सड़क को आधुनिक बनाना ही नहीं है, बल्कि वाहन दुर्घटनाओं को कम करना, ब्लैक स्पॉट्स को समाप्त करना और इंदौर–धार–पीथमपुर मार्ग को सुरक्षित बनाना भी है।
तीनों फ्लाईओवर के टेंडर प्रक्रियाएँ पूरी हो चुकी हैं और अब जल्द ही भूमिपूजन समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा।
क्यों जरूरी थे फ्लाईओवर?—इंदौर धार रोड को मिला ‘संवेदनशील मार्ग’ का टैग
इंदौर–धार रोड लंबे समय से जिले का एक सबसे व्यस्त और दुर्घटना-संवेदनशील मार्ग माना जाता है।
ट्रैफिक स्टडी के दौरान कई स्थानों को ‘ब्लैक स्पॉट’ के रूप में चिह्नित किया गया था, जहां:
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आए दिन दुर्घटनाएँ होती हैं
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कई लोगों की जान जाती है
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घायलों को सप्ताहों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है
इन लगातार होती दुर्घटनाओं के कारण NHAI ने इस मार्ग के सुधार के लिए विशेष सर्वे कराया। उसी आधार पर फ्लाईओवर और अंडरपास सहित व्यापक सुरक्षा परियोजना तैयार हुई।
कहां बनेंगे फ्लाईओवर?—तीन बड़े जंक्शन होंगे अपग्रेड
NHAI ने इंदौर–अहमदाबाद हाईवे पर इंदौर जिले में तीन प्रमुख लोकेशन को चिन्हित किया है। इन स्थानों पर रोजाना हजारों वाहनों का आवागमन होता है।
1. पीथमपुर जंक्शन पर 1.120 किमी लंबा 6-लेन फ्लाईओवर
यह फ्लाईओवर इंदौर से पीथमपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बनेगा।
यह क्षेत्र प्रमुख औद्योगिक हब होने के कारण अत्यधिक व्यस्त रहता है।
फ्लाईओवर बनने से—
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इंदौर–पीथमपुर यातायात सुगम होगा
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भारी वाहनों के कारण लगने वाले जाम से राहत मिलेगी
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दुर्घटना दर में कमी आएगी
2. बेटमा जंक्शन पर 1.10 किमी का फ्लाईओवर
बेटमा जंक्शन लंबे समय से व्यस्त और दुर्घटना-संवेदनशील क्षेत्र माना जाता रहा है।
नया फ्लाईओवर यहाँ—
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लगातार होते हादसों को रोकने में मदद करेगा
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लंबी दूरी के वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करेगा
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स्थानीय और बाहरी ट्रैफिक को अलग-अलग दिशा देगा
3. इंदौर–धार जंक्शन पर 1.20 किमी का फ्लाईओवर
यह जंक्शन धार और इंदौर दोनों दिशाओं का मुख्य लिंक है।
फ्लाईओवर से—
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दोतरफा भारी यातायात को ऊपर से गति मिलेगी
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स्थानीय वाहनों को अंडरपास के जरिए सुरक्षित मार्ग मिलेगा
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चौराहे पर जाम की समस्या खत्म होगी
हर फ्लाईओवर में होगा अंडरपास—ट्रैफिक को मिलेगी दोहरी सुविधा
इन तीनों फ्लाईओवरों में 6 लेन का मुख्य ब्रिज बनाया जाएगा।
इसके अलावा अंडरपास भी बनाया जाएगा ताकि:
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स्थानीय वाहन नीचे से निकल सकें
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हाईवे ट्रैफिक ऊपर से निर्बाध चले
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दोनों दिशा के छोटे–बड़े वाहन सुरक्षित रूप से मार्ग बदल सकें
इससे ट्रैफिक प्रबंधन पहले से कहीं बेहतर होगा।
100 करोड़ से ज्यादा की लागत—टेंडर प्रक्रिया पूर्ण
सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि तीनों फ्लाईओवर परियोजनाओं के लिए NHAI ने टेंडर जारी कर दिए हैं और प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
अब अगले चरण में—
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भूमि पूजन
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निर्माण कार्य आदेश (वर्क ऑर्डर)
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और फिर तेजी से काम शुरू
कुल लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक होगी।
दुर्घटनाओं में आएगी भारी कमी—यातायात अध्ययन रिपोर्ट में साफ संकेत
NHAI ने प्रोजेक्ट तैयार करने से पहले—
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पिछले वर्षों की दुर्घटना रिपोर्ट
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वाहनों की संख्या
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जाम के पैटर्न
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पीक ट्रैफिक लोड
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ब्लैक स्पॉट का कारण
इन सभी का विस्तृत अध्ययन कराया। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि यदि इन स्थानों पर फ्लाईओवर बनाए जाएं तो:
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दुर्घटनाएं 60–70% तक कम हो सकती हैं
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सड़क पर यातायात का भार समान रूप से बंटेगा
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स्थानीय और हाईवे ट्रैफिक अलग हो जाएगा
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हाईवे की रफ्तार और सुरक्षा दोनों बढ़ेंगी
पूरे प्रदेश में सात फ्लाईओवर बनने की योजना—इंदौर जिला पहले चरण में
NHAI द्वारा तैयार की गई व्यापक योजना के अनुसार मध्य प्रदेश में कुल सात फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
इंदौर जिला पहले चरण में शामिल है, जहाँ तीन फ्लाईओवर बनेंगे।
प्रत्येक फ्लाईओवर के निर्माण में—
वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद लगभग 2 वर्ष का समय लगेगा।
इंदौर–धार रोड को मिलेगा नया स्वरूप
इन तीनों फ्लाईओवरों के बनने के बाद:
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इंदौर–अहमदाबाद हाईवे का ट्रैफिक सुगम होगा
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औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी
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इंदौर–धार रोड का ब्लैक स्पॉट टैग हटेगा
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दुर्घटना दर में भारी कमी आएगी
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जंक्शनों पर लगने वाले लंबे जाम खत्म होंगे
यह पूरा प्रोजेक्ट इंदौर जिले के लिए विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
