रंगपंचमी 2026 पर इंदौर की विश्व प्रसिद्ध गेर में 150 फीट तक उड़ता गुलाल, भोलेनाथ और श्रीकृष्ण की झांकी, 5000 किलो रंग और विदेशी मेहमानों की मौजूदगी इस उत्सव को भव्य बनाएगी।
इंदौर की गेर: रंगपंचमी पर 150 फीट ऊपर उड़ेंगे रंग, शिव की जटाओं से बरसेगा गुलाल
इंदौर की गेर देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अपनी अनूठी परंपरा और रंगों के भव्य उत्सव के लिए प्रसिद्ध है। हर वर्ष रंगपंचमी के अवसर पर निकलने वाली यह गेर इंदौर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है।इस वर्ष 8 मार्च 2026 को निकलने वाली गेर और भी भव्य होने जा रही है। ढोल-नगाड़ों की गूंज, डीजे की धुन, आसमान में उड़ता गुलाल और हजारों लोगों की मौजूदगी इस आयोजन को एक अद्भुत रंगोत्सव में बदल देती है।इस बार गेर का 77वां वर्ष है और आयोजकों ने इसे और भी खास बनाने के लिए कई आकर्षक झांकियां और तकनीकी व्यवस्थाएं तैयार की हैं।
इंदौर की गेर का इतिहास
इंदौर की गेर की परंपरा कई दशकों पुरानी है। यह केवल रंगों का उत्सव नहीं बल्कि शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है।रंगपंचमी के दिन शहर के मध्य क्षेत्र में हजारों लोग एकत्रित होकर रंगों का उत्सव मनाते हैं।गेर की शुरुआत पुराने समय में छोटे जुलूस के रूप में हुई थी, लेकिन आज यह एक विशाल आयोजन बन चुका है जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं।
150 फीट ऊपर तक उड़ेंगे रंग
इस वर्ष की इंदौर की गेर का सबसे बड़ा आकर्षण होगा आसमान में उड़ता गुलाल।आयोजक शेखर गिरि के अनुसार इस बार गेर में विशेष मशीनों का उपयोग किया जाएगा।
मुख्य आकर्षण
- 7 रंग मिसाइलें
- 100 से 150 फीट तक उड़ता गुलाल
- 1 बोरिंग मशीन से 100 फीट तक रंग
- 350 किलो गुलाल का प्रयोग
गेर का रंगीन कारवां टोरी कॉर्नर से शुरू होगा और पूरे शहर में रंगों की बारिश करेगा।
भोलेनाथ और श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां
इस बार गेर में धार्मिक झांकियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
संस्था सृजन के कमलेश खंडेलवाल के अनुसार
- भोलेनाथ की जटाओं से रंगों की वर्षा
- श्रीकृष्ण की पिचकारी से उड़ता गुलाल
- सतरंगी मिसाइल
ये झांकियां गेर को और भी भव्य बनाएंगी।
विदेशी मेहमान भी होंगे शामिल
इंदौर की गेर अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकी है।आयोजक अभिमन्यु मिश्रा के अनुसार इस बार
- कनाडा से मेहमान
- यूके से मेहमान
भी गेर में शामिल होंगे।इन विदेशी मेहमानों के लिए विशेष वाहन तैयार किया जा रहा है।
ढोल, डीजे और ट्रॉलियों से सजेगा रंगों का कारवां
इंदौर की गेर में संगीत और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
इस बार आयोजन में शामिल होंगे
- 50 ढोल
- 6 डीजे वाहन
- 6 मिसाइल गाड़ियां
- 15 ब्लोअर मशीन
- 6 ट्रैक्टर ट्रॉली
- 100 बाउंसर
इसके साथ ही पूरे आयोजन में करीब 5000 किलो गुलाल उड़ाया जाएगा।
लव जिहाद विषय पर विशेष झांकी
गेर में सामाजिक मुद्दों को भी झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।संयोजक राजपाल जोशी ने बताया कि इस बार एक झांकी लव जिहाद विषय पर आधारित होगी।यह झांकी लोगों के बीच सामाजिक जागरूकता का संदेश देगी।गेर की शुरुआत ओल्ड राजमोहल्ला स्थित हरिराम मंदिर में पूजा के बाद होगी।
प्राकृतिक रंगों से मनाई जाएगी होली
इस वर्ष गेर में पर्यावरण और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाएगा।
हिंद रक्षक संगठन के संयोजक एकलव्य लक्ष्मणसिंह गौड़ के अनुसार
- टेसू के फूलों से बने रंग
- अरारोट से बनी प्राकृतिक गुलाल
का उपयोग किया जाएगा।इसके साथ ही यात्रा में
- भजन मंडली
- ध्वज वाहिका
- बड़ी संख्या में महिलाएं
भी शामिल होंगी।
सुरक्षा और व्यवस्था के खास इंतजाम
इतने बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन और आयोजकों द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
मुख्य व्यवस्था
- 100 बाउंसर
- कई स्वयंसेवक
- वाहनों की निर्धारित लाइन
- रंग उड़ाने के लिए सुरक्षित दूरी
इन व्यवस्थाओं के कारण आयोजन सुचारू रूप से संपन्न होगा।
इंदौर की पहचान बन चुकी है गेर
आज इंदौर की गेर शहर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है।देश-विदेश से लोग इस आयोजन को देखने आते हैं।रंगपंचमी के दिन पूरा शहर रंगों में डूब जाता है और हर गली-मोहल्ला उत्सव के माहौल में बदल जाता है।
निष्कर्ष
इंदौर की गेर केवल रंगों का उत्सव नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।इस वर्ष 8 मार्च को निकलने वाली गेर में
- 150 फीट ऊपर उड़ता गुलाल
- भोलेनाथ और श्रीकृष्ण की झांकी
- विदेशी मेहमानों की भागीदारी
इसे और भी भव्य बना देंगे।इंदौर की गलियां एक बार फिर रंगों की खुशबू से महक उठेंगी और यह उत्सव शहर की पहचान को और मजबूत करेगा।
